बेटी को डॉक्टर बनाने महिला ने गूगल में कंसलटेंसी का पता लगाने किया सर्च तो हुई 8 लाख की ठगी का शिकार

- रायपुर में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर आरोपियों ने ठगे 8 लाख
- तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस

By: Ashish Gupta

Published: 20 Feb 2021, 04:00 PM IST

रायपुर. राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र के अविवा गार्डन निवासी महिला ने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए कंसलटेंसी की मदद लेनी चाहिए। कंसलटेंसी का नंबर निकालने के लिए महिला ने गूगल किया, तो साइबर ठगों के जाल में फंस गई।

पीड़िता की बेटी को प्रवेश दिलाने का आश्वासन देते हुए साइबर ठगों ने अपने झांसे में लिया और उससे 8 लाख रुपए अपने अकाउंट में डलवा लिए। तय मियाद पर आरोपी प्रवेश नहीं दिलवा पाए और फोन बंद करके बैठ गए तो पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत की है। पुलिस द्वारा आरोपियों का नाम नई दिल्ली निवासी सुरेश कुमार, विधानंद वर्मा और भोपाल निवासी विश्वजीत शाह बताया जा रहा है।

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यह है पूरा मामला
पंडरी पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ शिकायत पीड़िता बबीता साहू ने की है। पीडि़ता शिक्षा सत्र 2020-2021 में अपनी बेटी को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने चाहती थी। कंसलटेंसी की तरफ से बात करने वाले सुरेश कुमार, विधानंद और विश्वजीत ने रायपुर में प्रवेश दिलाने की बात कही और उसके बदले में 8 लाख रुपए का खर्च बताया। पीड़िता उनकी बातों में आ गई और आरोपियों के बताए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने रिम्स कॉलेज में प्रवेश दिलाने की बात कही और कोरोना काल के बाद कॉलेज भेजने की बात कही।

कोरोना कम होने पर पीड़िता की बेटी कॉलेज पहुंची तो उसे उसका प्रवेश ना होने की जानकारी मिली। बेटी से सूचना मिलने पर पीड़िता ने आरोपियों को फोन किया तो आरोपियों ने बाद में बात करने की बात कही और फिर फोन बंद कर लिया। इस पर पीडि़ता ने उनकी शिकायत पुलिस में कर दी तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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जागरूक रहने की आवश्यकता
साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया कि ठगी की वारदातों से बचने के लिए जागरूक रहने व सचेत रहने की आवश्यकता है। गूगल में बड़े पैमाने पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगों ने अपना मायाजाल फैला रखा है। यदि कोई शख्स ऑनलाइन चर्चा करने के बाद पैसों की लेन-देन के बारे में चर्चा करता है, तो एक बार उसे मुलाकात कर उसके बारे में पता लगाना चाहिए। शार्टकट और समय बचाने के चक्कर में लोग अक्सर गलती कर बैठते हैं और ठगी के शिकार हो जाते है। खुद या परिचितों से वेरीफिकेशन कराने के बाद ही लेन देन की औपचारिकता निभाना चाहिए।

पंडरी थाना के निरीक्षक याकूब मेमन ने कहा, अविवा गार्डन निवासी पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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Ashish Gupta Desk
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