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साइबर ठग कर रहे UPI का इस्तेमाल, कहीं आप तो नही हैं अगला शिकार !

जनवरी 2022 से मई तक छत्तीसगढ़ ठगी के 245 मामले दर्ज सिर्फ 103 पीड़ितों को ठगी का पैसा मिल पाया वापस

रायपुर

Published: June 11, 2022 12:13:19 pm

रायपुर. आमलोगों की सुविधा की चीज साइबर ठगों के लिए और भी बड़ी सुविधा साबित हो रही है। अब अधिकांश साइबर ठग यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे बड़ी आसानी से और तत्काल किसी भी बैंक खाते का पैसा निकाल लेते हैं। इससे ठगी का पैसा वापस मिलना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद पुलिस ने 103 लोगों को ठगी का पैसा वापस दिलाया है।

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उल्लेखनीय है कि पहले ठगी की राशि के लिए वॉलेट का इस्तेमाल करते थे। इस दौरान पुलिस नोडल अधिकारी से बात करके वॉलेट की राशि को होल्ड करवाकर वापस करवा लेती थी, लेकिन जब से ठगों ने यूपीआई का इस्तेमाल करना शुरू किया है। इससे पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।

केस-2
शंकर नगर के डॉक्टर रवेल सिंह मटरेजा को इंडियन आर्मी का जवान बनकर ठग ने झांसा दिया और 46 जवान के हेल्थ चेकअप कराने का झांसा दिया। इसकी फीस एडवांस में जमा करने के लिए पीटीएम क्यूआर कोड भेजने कहा। फिर उनके खाते से 1 लाख रुपए ठग लिया। इसकी शिकायत पर साइबर विंग ने डॉक्टर को 80 हजार 100 रुपए वापस कराया।

केस 2
शंकर नगर निवासी रेणू ठाकुर से 30 मई को साइबर ठगों ने बिजली बिल जनरेट करने के नाम पर फोन किया। एक लिंक भेजकर प्लेस्टोर से एक मोबाइल एप डाउनलोड करवाया। फिर 10 रुपए का भुगतान करने कहा। 10 रुपए का भुगतान करते ही उनके खाते से ठगों ने 1 लाख 75 हजार रुपए पार कर दिए। इसकी शिकायत पर पुलिस की साइबर विंग ने पूरी राशि वापस कराया।

साढ़े 12 लाख वापस दिलाए पुलिस ने
UPI के इस्तेमाल से ठगी गई राशि वापस आना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद एसीसीयू की साइबर क्राइम विंग ने साइबर ठगी के शिकार हुए 103 लोगों को कुल 12 लाख 50 हजार रुपए वापस कराए हैं। ये लोग अलग-अलग तरीके से साइबर ठगी के शिकार हो गए थे। और किसी के 20 हजार, तो किसी के 50 हजार रुपए ठगों ने अपने खातों में जमा करवा लिया था। इसकी शिकायत पीड़ितों ने साइबर सेल में की थी।

फर्जी नाम-पते वाली सिम का इस्तेमाल
साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से मई तक ऑनलाइन ठगी के कुल 245 मामले आ चुके हैं। ठगी करने वाले दूसरों के नाम-पते से मोबाइल सिम लेते हैं। और उनका इस्तेमाल करते हैं। ठगी करने के बाद सिम को बंद कर देते हैं। इससे उनकी तलाश करना भी पुलिस के मुश्किल हो जाता है।

रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा ऑनलाइन ठगी को लेकर लोगों को सजग रहने की जरूरत है। पुलिस को सही समय पर शिकायत मिलती है और ठगी की राशि का इस्तेमाल नहीं हुआ होता है, तो उसके वापस मिलने की संभावना रहती है। साइबर सेल ने 103 लोगों को ठगी का पैसा वापस कराया है।ऑनलाइन ठगी को लेकर लोगों को सजग रहने की जरूरत है। पुलिस को सही समय पर शिकायत मिलती है और ठगी की राशि का इस्तेमाल नहीं हुआ होता है, तो उसके वापस मिलने की संभावना रहती है। साइबर सेल ने 103 लोगों को ठगी का पैसा वापस कराया है।

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