दो दिन से गायब ज्वाइंट डॉयरेक्टर ट्रेजरी की लाश नागपुर के लॉज में मिली, लगातार तबादले से थे चिंतित

- ज्वाइंट डॉयरेक्टर ट्रेजरी का शव नागपुर के एक लॉज में मिला
- पिछले एक सप्ताह से काफी तनाव में थे ज्वाइंट डॉयरेक्टर ट्रेजरी
- तनाव से राहत की दवाइयां ले रहे थे, लगातार तबादले से थे चिंतित

By: Ashish Gupta

Published: 04 Mar 2021, 07:59 PM IST

रायपुर. दो दिन से लापता ज्वाइंट डॉयरेक्टर ट्रेजरी का शव नागपुर के सीताबर्डी इलाके के एक लॉज में मिला। उनके कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था। इसकी जानकारी मिलने के बाद रायपुर पुलिस नागपुर के लिए रवाना हो गई है। मृतक ने खुदकुशी की है या सामान्य मौत है? यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।

करीब 52 वर्षीय राजेश श्रीवास्तव मंत्रालय में ट्रेजरी पेंशन एंड एकाउंट्स विभाग के ज्वाइंट डॉयरेक्टर के तौर पर पदस्थ थे। 1 मार्च को मंत्रालय आने के बाद मंदिरहसौद इलाके से लापता हो गए थे। उनका मोबाइल बंद हो गया था। शाम तक उनका पता नहीं चला, तो परिजनों ने राखी थाने में सूचना दी थी। पुलिस ने गुमशुदा का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी।

कमरे से बाहर ही नहीं निकले
पुलिस के मुताबिक ज्वाइंट डॉयरेक्टर श्रीवास्तव मंगलवार सुबह करीब 10 सीताबर्डी इलाके के लॉज पहुंचे। और एक कमरा लिया। लॉज छोटा है और 100-200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया लगता है। ज्वाइंट डॉयरेक्टर अपने कमरे में गए। इसके बाद बाहर ही नहीं निकले। और न ही किराया जमा किया था। बुधवार शाम करीब 5.30 बजे लॉज में चेकिंग के दौरान कर्मचारी उनके कमरे में पहुंचे।

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दरवाजा खटखटाने पर भीतर से आवाज नहीं आई। दरवाजा भीतर से बंद था। कई बार आवाज देने पर भी जवाब नहीं मिला, तो लॉज के कर्मचारी ने दरवाजे के ऊपर बनी खिड़की से भीतर झांका। भीतर ज्वाइंट डॉयरेक्टर बिस्तर पर लेटे हुए दिखे। उनके मुंह से हल्का झाग निकला हुआ था। इसकी सूचना तत्काल सीताबर्डी थाने में दी गई। इसके बाद सीताबर्डी पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दरवाजे को तोड़ा गया।

भीतर बिस्तर पर ज्वाइंट डायरेक्टर श्रीवास्तव मृत पड़े थे। उनके जेब में कुछ दवाइयां थीं। उनका मोबाइल बंद मिला। मृतक के मुंह से सफेद रंग का झाग निकला हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की सूचना रायपुर पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस की टीम रवाना हो गई है। पुलिस के मुताबिक मृतक ने लॉज में ठहरने के लिए खुद को मार्केटिंग एक्यूक्जीटिव बताया था।

तनाव में थे मृतक
बताया जाता है कि मृतक पहले बिलासपुर में थे। उनका ट्रांसफर गुरुघासीदास विश्वविद्यालय में कर दिया गया था। इसके विरोध में उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। बाद में हाईकोर्ट से उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद उनका ट्रांसफर इंद्रावती भवन में कर दिया गया था। मार्च 2020 से वे संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा का पद संभाल रहे थे।

इंद्रावती भवन के कर्मचारियों के मुताबिक वे पिछले एक सप्ताह से काफी तनाव में रहते थे। किसी से बातचीत नहीं करते थे। तनाव का कारण भी किसी को नहीं बताते थे। कुछ दिनों से अपनी पत्नी के साथ ट्रांजिट मेस में रह रहे थे। उनकी एक लड़की और लड़का है। राज्य से बाहर पढ़ाई कर रहा है। बेटी बिलासपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। कर्मचारियों का मानना है कि मृतक का लगातार ट्रांसफर हो रहा था। इससे वे तनाव में रहते थे।

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सीसीटीवी में दिखे
1 मार्च को ज्वाइंट डॉयरेक्टर इंद्रावती भवन पहुंच थे। सीसीटीवी फुटेज में वे नजर आए हैं। इंद्रावती भवन के भीतर गए, लेकिन अपने ऑफिस में नहीं गए। बीच रास्ते से ही वापस चले गए। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चला। उनके लापता होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी रही। कुछ पता नहीं चल पाया था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनका लोकेशन नागपुर दिखा रहा था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

पीएम में होगा खुलासा
मृतक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चा है। अभी तक पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि खुदकुशी है या स्वभाविक मौत है। बताया जाता है कि वे इंशुलीन लेते थे। इसके अलावा तनाव से बचने के लिए कुछ दवाइयां लेते थे। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा करने का दावा कर रही है।

नागपुर के सीताबर्डी थाना के डे-ऑफिसर एपीए पवार ने कहा, भीतर से दरवाजा बंद होने और किसी तरह का जवाब नहीं मिलने पर लॉज वालों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर जाकर दरवाजा तोड़ा गया। भीतर राजेश श्रीवास्तव बिस्तर पर मृत मिले थे। सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

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