छत्तीसगढ़ी को स्कूली पढ़ाई का माध्यम बनाने की मांग उठी , CM भूपेश ने दिलाया भरोसा

लता राठौर की अगुवाई में गए प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ी को स्कूली पढ़ाई का माध्यम बनाने की मांग की

रायपुर. छत्तीसगढ़ी राजभाषा मंच ने बुधवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। मंच के संयोजक नंदकिशोर शुक्ल और महिला क्रांति सेना की लता राठौर की अगुवाई में गए प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ी को स्कूली पढ़ाई का माध्यम बनाने की मांग की।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने काफी देर तक छत्तीसगढ़ी को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की। नंदकिशोर शुक्ल का कहना था, शिक्षा का अधिकार कानून में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को उनकी मातृभाषा में अनिवार्य और नि:शुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है।

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मातृभाषा बच्चे की पहली भाषा है। यहां छत्तीसगढ़ी में इसकी शुरुआत की जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक मुख्यमंत्री ने इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट लेने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि उनका विश्लेषण करने के बाद इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

चंदू निर्मलकर Desk
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