छत्तीसगढ़ में फैला डेंगू का कहर, इस महामारी से एक और मासूम ने तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ में फैला डेंगू का कहर, इस महामारी से एक और मासूम ने तोड़ा दम

Deepak Sahu | Publish: Aug, 12 2018 11:54:20 AM (IST) | Updated: Aug, 12 2018 12:54:45 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

भिलाई में 321 पॉजिटिव मरीजों का उपचार चल रहा है वहीं 6 मरीजों का उपचार रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में किया जा रहा है

रायपुर/भिलाई दुर्ग-भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के कई शहरों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। भिलाई में शनिवार को डेंगू से एक और मासूम ने दम तोड़ दिया। भिलाई में 321 पॉजिटिव मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं ६ मरीजों का उपचार रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं, बिलासपुर में 2 राजनांदगांव, कोरिया में १-१ मरीज पॉजीटिव पाए गए हैं। प्रदेश में 12 लोगों की डेंगू से मौत के बाद आखिरकार सरकार ने स्वीकारा है कि प्रदेशभर में डेंगू फैल चुका है। सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दुर्ग सीएमएचओ को हटा दिया है।

उनके स्थान पर प्रभारी संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर को दुर्ग सीएमएचओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकारी आंकड़ों में इस महामारी से अबतक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, ये सभी भिलाई के हैं। इसी बीच लगातार हो रही मौतों और पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से भिलाई, दुर्ग और रायपुर में भी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को उचित सलाह के साथ संभावित मरीजों की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की 32 टीमों ने शनिवार को दुर्ग जिले में 5709 घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान 209 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, 171 मरीजों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं विभागीय अधिकारियों की ओर से मरीजों की जांच सहित उपयोगी दवाएं भरपूर मात्रा में होने का दावा किया जा रहा है। जांच के लिए वर्तमान में भिलाई में 5500 व रायपुर में 10 हजार आरडी किट होने का दावा किया जा रहा है।

निजी संस्थानों में बेड आरक्षित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए उचित इलाज के लिए निजी संस्थानों से भी मदद ली जा रही है। जारी आदेश में दुर्ग जिले के शंकराचार्य व चंदूलाल मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों के लिए १००-१०० बेड आरक्षित रखने का आदेश दिया गया है। निजी लैबों में परीक्षण की राशि यथावत रखने के साथ भर्ती मरीजों को जिला प्रशासन के सहयोग से मुफ्त इलाज करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं शनिवार को किसी भी मरीज की मौत की पुष्टि नहीं की गई है।

 

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पैसे के इंतजाम में देरी से बेटे को खो दिया
भिलाई . महामारी का रूप ले चुके डेंगू ने इस्पातनगरी में फिर एक जिंदगी छीन ली। इस बार डेंगू के दंश का शिकार बना 7 साल का मासूम रुद्र प्रकाश यादव। यह भिलाई में डेंगू से 11वीं मौत है। कैंप-2, वार्ड-25 निवासी जयप्रकाश यादव १० दिन पहले अपने बेटे का इलाज जुनवानी स्थित शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके देवांगन से करा रहे थे। इलाज के बाद रुद्र स्वस्थ हो गया था, लेकिन शुक्रवार को मासूम की तबियत बिगड़ी तो पिता ने मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदकर खिला दी। शनिवार की सुबह रुद्र्र की हालत और गंभीर हो गई तो इलाज करने वाले डॉक्टर डॉ. देवांगन ने तुरंत हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। लेकिन पैसे का इंतजाम करने में पेशे से ऑटो चालक जयप्रकाश को देरी हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही रुद्र की मौत हो गई।

सीएम बोले- सरकार गंभीर, दवा भी पर्याप्त
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, डेंगू को लेकर सरकार गंभीर है। इसके लिए हमने मुख्य सचिव को भी प्रभावित क्षेत्र में भेजा था। उन्होंने कहा, डेंगू मच्छर की वजह से फैल रहा है। दवा की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों में भी पर्याप्त किट हैं। सभी जगह ब्लड की जांच कर मरीजों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा, ज्यादातर लोग घरों में कूलर का पानी लम्बे समय तक नहीं बदलते हैं, जिसकी वजह से मच्छर पनप रहे हैं। इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा।

भिलाई में 171 की रिपोर्ट का इंतजार
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य आयुक्त आर. प्रसन्ना ने कहा कि दुर्ग जिले में डेंगू के 321 मरीजों का इलाज जारी है। विभाग की 32 टीमों ने 5709 घरों का निरीक्षण किया। इसमें 209 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। साथ ही १७१ की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। स्थिति नियंत्रण में है। हम किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं।

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