धनतेरस दो दिन, प्रदोष व्यापिनी आज और हस्त नक्षत्र में कल, जानिए खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त

पहली बार धनतेरस (Dhanteras) का दो दिन संयोग बन रहा है। पंडितों के अनुसार गुरुवार को प्रदोषकाल का संयोग है और शुक्रवार को हस्तनक्षत्र की धनतेरस का मुहूर्त दिनभर रहेगा।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 12 Nov 2020, 08:31 AM IST

रायपुर. पहली बार धनतेरस (Dhanteras) का दो दिन संयोग बन रहा है। पंडितों के अनुसार गुरुवार को प्रदोषकाल का संयोग है और शुक्रवार को हस्तनक्षत्र की धनतेरस का मुहूर्त दिनभर रहेगा। इन दिनों तिथियों में खरीदारी का पुष्य नक्षत्र जैसा फलदायी संयोग है। यानि दोनों दिन दिनभर अच्छा मुहूर्त है। यही वजह है कि धनतेरस का बाजार दो दिन दमकने के लिए तैयार है।

ऐसे संयोग में सोना-चांदी के जेवर, जमीन और मकान की बुकिंग सहित ऑटोमोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक, बर्तन आदि की खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है, जब प्रदोषकाल की धनतेरस और हस्तनक्षत्र व प्रीति योग का संयोग बनता है। पंडित यदुवंशमणि त्रिपाठी के अनुसार कांशी पंचांग के अनुसार बुधवार को रात 8.41 बजे से द्वादशी तिथि प्रारंभ होकर 12 नवंबर को शाम 6 बजकर 32 मिनट तक होने के कारण प्रदोषकाल की धनतेरस है। इसके बाद पूर्ण त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होकर 13 नवंबर को शाम 6 बजकर 32 मिनट तक है।

आयुष्मान योग में होगी भगवान धन्वंतरि की पूजा : आयुष्मान योग में भगवान धन्वंतरि का पूजन होगा। घर का कोना-कोना नई वस्तुओं से दमकेगा और शाम के समय 13 दीपों से घर-आंगन रोशन होंगे। महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार देव पंचांग में 12 नवंबर को रात 9.30 से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो रही है जो 13 नवंबर को शाम 5 बजकर 59 बजे तक है। अर्थात् इस दिन धनतेरस पर खरीदारी का अच्छा मुहूर्त बन रहा है।

आयुष्मान योग में होगी भगवान धन्वंतरि की पूजा : आयुष्मान योग में भगवान धन्वंतरि का पूजन होगा। घर का कोना-कोना नई वस्तुओं से दमकेगा और शाम के समय 13 दीपों से घर-आंगन रोशन होंगे। महामाया मंदिर के पंडित मनोज शुक्ला के अनुसार देव पंचांग में 12 नवंबर को रात 9.30 से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो रही है जो 13 नवंबर को शाम 5 बजकर 59 बजे तक है। अर्थात् इस दिन धनतेरस पर खरीदारी का अच्छा मुहूर्त बन रहा है।

खरीदारी का चौघड़िया
शुभ : सुबह 7.30 से 9 बजे तक

चर : 10.30 से 12 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : 11.36 से 12.24 तक

लाभ : दोपहर 12 से 1.30 बजे

अमृत : दोपहर 1.3 तक 3 बजे

शुभ : शाम 4.30 बजे से 6 बजेतक स्थिर लग्न का मुहूर्त

वृश्चिक : सुबह 6.38 से 8.55 बजे

कुंभ : 12.45 से 2.17 बजे तक

वृष : शाम 5.23 से 7.21 बजे

मिथुन लग्न : शाम 7.21 से रात 9.34 बजे तक

सिंह लग्न : रात्रि 11.52 से रात 2 बजे तक।

भक्त योग में धनतेरस 12 नवंबर 2020 गुरुवार को मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा।

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