बारिश शुरू होते ही हीरा तस्करी करने वाले हुए सक्रिय, अंतरराज्यीय गिरोह के लोग स्थानीय गुर्गो के जरिये बिछा रहे जाल

वह अपने संपर्क सूत्रों के माध्यम से देवभोग, पायलीखंड और आसपास के इलाके में मिलने वाले बेशकीमती हीरा और कोरडंम के लेनदेन में जुटे हुए है। बता दे कि हर वर्ष जून से लेकर अक्टूबर के बीच उनका गिरोह सक्रिय रहता है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 14 Jun 2020, 06:44 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बारिश के शुरू होते ही हीरा की तस्करी करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। पिछले महीनेभर में उनकी गतिविधियां लगातार देखने को मिल रही है। वह स्थानीय युवकों के साथ ही अपने गुर्गो के माध्यम से इसके खरीद-फरोख्त करने में जुटे हुए है। इसमें अंतरराज्यीय गिरोह के लोग भी बताए जाते है। उन्हें राजधानी रायपुर से लेकर धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद और ओडिशा के बार्डर से सटे हुए इलाकों में देखा गया है।

वह अपने संपर्क सूत्रों के माध्यम से देवभोग, पायलीखंड और आसपास के इलाके में मिलने वाले बेशकीमती हीरा और कोरडंम के लेनदेन में जुटे हुए है। बता दे कि हर वर्ष जून से लेकर अक्टूबर के बीच उनका गिरोह सक्रिय रहता है। वह स्थानीय ग्रामीणों और इसमें संलिप्त लोगों से खरीदी कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुहमांगे दामों में बेचते है।

तीन गिरोह पकड़ाए

तस्करी करने वाले चार गिरोह के 8 आरोपियों को गरियाबंद जिला पुलिस द्वारा पिछले महीनेभर में गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब ३५ लाख रुपए का 222 नग हीरा बरामद किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपी गरियाबंद, मैनपुर और ओडिशा के रहने वाले बताए जाते है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि सौदा होने के बाद वह हीरा बेचने के फिराक में घूम रहे थे। इस दौरान वह पकड़े गए। बताया जाता है कि उनकी निशानदेही पर रैकेट में शमिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। बता दें कि बारिश के दौरान तेज बहाव में मिट्टी का कटाव होने से खदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में हीरा मिलता है। वहीं इसकी तलाश करने के लिए तस्करी गिरोह के लोग खुदाई करने पहुंचते है।

आईबी की टीम सक्रिय

तस्करी करने वाले गिरोह के लगातार पकड़े जाने के बाद इंटेलिजेंस की टीम को सतर्क कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। गरियाबंद पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बताया कि मुखबिरों से मिल रही सूचना के बाद टीम को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही देवभोग, पायलीखंड और मैनपुर इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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