प्रदेश सहित राजधानी के रेत घाट और इंडस्ट्रियल एरिया से लगी सड़कों पर लगाई जाएगी डिजिटल वेइंग मशीन, वाहनों की होगी जांच

ओवरलोड पर नकेल कसने प्रस्ताव तैयार

रायपुर. राजधानी समेत प्रदेश के रेत घाट और इंड्रस्ट्रिल एरिया से लगी सड़कों में आटोमैटिक वेइंग मशीन लगाई जाएंगी। जो यहां से गुजरने वाले वाहनों की वजन भी माप लेगा। इसके लिए 9 करोड़ का प्रस्ताव आरटीओ ने तैयार कर लिया है। यह मशीनें एेसी सड़कों में गोपनीय तरीक से इंस्टाल की जाएंगी, जिस जगह से ओवरलोड वाहन निकलते हैं।
ई-चालान वाहन मालिक के घर पर 15 दिन के भीतर भेज दिया जाएगा। इस वेइंग मशीन की खासियत यह है कि वाहन चालक कितनी भी तेज गति से मालवाहक निकालें मशीन में भार का तौल हो जाएगा। मुख्यत: वेइंग मशीनों में वाहन को खड़ा करने पर भी उसका भार तौला जा सकता है। लेकिन यह अत्याधुनिक ओवरलोड जांच वेइंग मशीन राजधानी के प्रदेश करने वाले सभी मार्गों पर इंस्टाल किया जाएगा।
ऑनलाइन होगा स्टिम
वाहन के चेकपोस्ट पर पहुंचते ही उसकी डिटेल जानकारी अधिकारियों के हाथ में होगी। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, नेशनल या इंटरनेशनल परमिट, मालिक-ड्राइवर का नाम, फिटनेस इत्यादि तमाम तरह की जानकारी कंप्यूटर पर डिस्प्ले हो जाएगी। यही नहीं चेकपोस्ट पर सेंसर वेइंग मशीन भी लगी होगी। यानी चेक पोस्ट पर पहुंचते ही मशीन वाहन का लोड काउंट कर लेगा। ओवरलोड होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
महाराष्ट्र की तर्ज पर तैयार की योजना
अधिकारियों के अनुसार पूरी योजना पीपीपी मॉडल पर होगी। देश की बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों को इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा। कुछ वर्ष पहले महाराष्ट्र में लागू इस सिस्टम को देखकर प्रदेश में शुरू करने की योजना बनाई थी। विभाग ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा है। सबकुछ ठीक रहा तो 2020-21 वित्तीय वर्ष तक छत्तीसगढ़ के सभी 10 चेकपोस्ट इस सिस्टम से जुड़ जाएंगे। छत्तीसगढ़ में इसके संचालन के लिए आरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है।
इस तरह काम करेगी पोर्टेबल वेइंग मशीन
आरटीओ की टीम जिन जिन स्थानों में अस्थाई चेकिंग प्वाइंट लगाएगी वहां पर पोर्टेबल वेइंग मशीन से ओवरलोड वाहनों की जांच की जा सकेगी। मुख्यमार्गों से बचकर निकलने वाले भारी वाहनों को की जांच पोर्टेबल वेइंग मशीन से की जाएगी। यह एक चटाई की तरह बिछा दिया जाएगा। इसे कंप्यूटर से कनेक्ट करके वजन मापा जाएगा।
हर पॉइंट पर लगेगा क ैमरा
जिन-जिन स्थानों पर डिजिटल वेइंग मशीनें लगेंगी वहां कैमरे भी लगाएं जाएंगे। इन कैमरों का कंट्रोल रायपुर में होगा। यानी राज्य के किसी भी चेकपोस्ट से कोई वाहन गुजरने पर उसे राजधानी में बैठे-बैठे देखा जा सकेगा।
परिवहन विभाग के उपायुक्त शैलाभ साहू ने बताया कि नई तकनीकी का उपयोग ओवरलोडिंग को रोकने के लिए किया जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव बना कर भेज दिया गया है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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