कोरोना इफेक्ट: जिले के शासकीय स्कूल 'बारी योजना' से दूर

लॉकडाउन में स्कूल बंद होने से नहीं हो रही योजना की मॉनिटरिंग, 10 प्रतिशत स्कूलों में लगी थी बारी, वो भी हुई खराब

By: Devendra sahu

Published: 24 Jul 2020, 01:02 AM IST

रायपुर. स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को मिड डे मील भोजन में ताजी हरी सब्जियां मिल सके, इसलिए प्रदेश के शासकीय स्कूलों में बारी योजना के तहत बारी का निर्माण करना था। राजधानी रायपुर में पदस्थ स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियांे को अधीनस्थ कर्मियांे की मदद से जिले के स्कूलों में बारी लगाने और उनकी देखरेख करने का निर्देश था।
राज्य सरकार के निर्देश पर फरवरी में जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों को स्कूलों में बारी तैयार करने का निर्देश दिया था। चरणबद्ध तैयारी की फोटो भी प्राचार्यों को जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजनी थी। कुछ स्कूलों ने बारी भी लगाई, लेकिन देखरेख के अभाव में वो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल खुलने के बाद अधीनस्थ अधिकारियों से बारी दोबारा लगाने और देखभाल करने की बात कह रहे हैं। विद्यार्थियों को स्वस्थ्य रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना स्टॉफ और अधिकारियों की अनदेखी की वजह से गर्त में जा रही है।
मॉनिटरिंग का अभाव
बारी योजना की मॉनिटरिंग करने का निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग को सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारियों को दिया था। जिन-जिन स्कूलों में बारी निर्माण हो रहा था, उसका रिकार्ड भी तैयार करना था। कुछ स्कूलों के प्राचार्यों ने निर्माण कार्य की फोटो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजी भी थी। लॉकडाउन में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी अन्य कार्यों में व्यस्त हो गए हैं, जिससे बारी योजना पूरी तरह से ठप हो गई।

जिले में 2 हजार 250 से ज्यादा स्कूल
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में 2 हजार 250 से ज्यादा शासकीय स्कूल हैं। इनमें से 1500 से ज्यादा स्कूलों को बारी लगाने के लिए चिह्नांकित किया था। फरवरी में लगभग 150 स्कूलों ने अपने-अपने परिसर में बारी तैयार किया था। बारी निर्माण करने में विद्यार्थी भी रुचि ले रहे थे, लेकिन बाद में पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई।

कोरोना संक्रमण काल की वजह से बारी योजना की मॉनिटरिंग अभी नहीं हो पा रही है। स्कूल खुलने के बाद नए तरीके से बारियों का निर्माण प्राचार्यों के माध्यम से कराया जाएगा। जिन स्कूलों में जगह है, वहां बारी लगाना जरूरी होगा। निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जीआर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर

Devendra sahu Desk
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