दो घंटे तक ग्रीन पटाखा जलाने की छूट, लेकिन प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों से भरे शहर के दुकान- गोदाम

- प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों को सीधे जब्त करने के निर्देश, जिला प्रशासन, पर्यावरण और नगर निगम की टीम नहीं निकली कार्रवाई करने .

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 12 Nov 2020, 07:47 PM IST

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी की गाइड लाइन के बाद राज्य सरकार ने त्योहार के मद्देनजर 2 घंटे ग्रीन पटाखों को जलाने के निर्देश दिए हैं। जबकि, इस गाइडलाइन के जारी होने से पहले ही कारोबारियों ने शहर के पटाखा दुकानों और गोदामों में प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बड़ी खेप जमा कर ली थी।

राजधानी रायपुर में बेखौफ प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री हो रही है। त्योहार के दो दिन शेष है, लेकिन अभी तक प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों को बेचने वाले कारोबारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अफसरों की इस मनमानी से एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है।

दुकानों में ग्रीन पटाखे कम तादाद में
रायपुर जिले में 40 स्थायी लाइसेंसी पटाखा दुकान है। इसके अलावा त्योहार के मद्देनजर 3 दिन के लिए 130 से अधिक अस्थायी दुकानदारांे को पटाखा बेचने का लाइसेंस दिया गया है। इन पटाखा कारोबारियों में से कुछ लोग शत प्रतिशत तरीके से चाइनीज, तेज आवाज और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे बेच रहे हैं। कुछ कारोबारियों ने ग्रीन पटाखे दुकान में नाम मात्र के लिए रखा है।

बिना लाइसेंस खुली दुकानें
अस्थाई पटाखा दुकान खोलने के लिए जिला प्रशासन ने लाइसेंस वितरित किया है। इसके बावजूद राजधानी में अवैध रूप से छोटी बड़ी दुकाने सज गई है। इन दुकानों में प्रतिबंधित पटाखों का ढेर लगा हुआ है। सबसे ज्यादा अवैध दुकान टिकरापारा, मोवा, संतोषी नगर, गुढि़यारी, कबीर नगर और खमतराई इलाके में खुली हैं।

लाइव- 1
फूल चौक, समय- 1.30 बजे
पत्रिका टीम फूल चौक में स्थित पटाखा दुकान पहुंची। इस दुकान में पटाखा खरीदने वालों की भीड़ लगी थी और कोविड गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा था। संवाददाता ने कारोबारी से ग्रीन पटाखा मांगा, तो उसने चाइनीज और तेज आवाज वाले पटाखा खरीदने की सलाह दी। दुकानदार ने ग्रीन पटाखा महंगा और फिलहाल उपलब्ध नहीं होने की दलील दी।

लाइव- 2
बढ़ईपारा, समय- 2.00 बजे
बढ़ईपारा में स्थित पटाखा दुकान की स्थिति भी पहले के दुकानों की तरह ही थी। पटाखा दुकान में रॉकेट, राउंडर और सुतली बमों की खुलेआम बिक्री हो रही थी। ग्रीन पटाखों के नाम पर कारोबारी के यहां केवल फुलझड़ी या पॉपअप था। ग्रीन पटाखे महंगा होने की बात कहते हुए कारोबारी उन्हें ना मंगाने की बात कह रहे थे।

ग्रीन पटाखों की नोटिफाइड सूची अभी तक हमे नहीं मिली है। वहीं, प्रतिबंधित या चाइनीज पटाखों की बिक्री रोकने के लिए थाना प्रभारी को जिला प्रशासन की टीम के साथ मिलकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
- अजय यादव, एसएसपी, रायपुर

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