डीकेएस अस्पताल: अब अंत: रोगी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए परिजनों को गेट पास बनवाना जरूरी

मरीज से एक साथ दो से अधिक नहीं मिल पाएंगे परिजन

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 06 Jan 2020, 06:58 PM IST

रायपुर. राजधानी के डीकेएस अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलने आने वाले परिजनों की भीड़ परेशानी का सबब बनती जा रही थी। इस असुविधा को कम करने के लिए एक मरीज के साथ एक अटेंडर रहने के नियम के तहत अस्पताल में गेट पास सिस्टम लागू कर दिया गया है।
आंबेडकर अस्पताल की तरह डीकेएस में भी वार्डों में भर्ती मरीजों से मिलने आने वाले परिजनों को 10 रुपए का शुल्क अदा करके एक गेट पास लेना होगा। बिना गेट पास के किसी भी व्यक्ति को मरीज से मिलने नहीं दिया जाएगा। डीकेएस में भर्ती मरीज के साथ एक अटेंडर व एक विजिटर पास नि:शुल्क बनता है। बताया जाता है कि यह पास एक मरीज से मिलने के लिए दो से अधिक जारी नहीं होगा।
इससे एक समय पर एक मरीज से दो से अधिक लोग नहीं मिल पाएंगे। 450 बिस्तरीय क्षमता वाले डीकेएस में मौजूदा समय में 350 मरीज हैं। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो इन मरीजों को देखने के लिए 4-5 परिजन आते हैं, जिससे वार्ड में अनावश्यक भीड़ के चलते चिकित्सकों और स्टाफ नर्स को मरीजों का उपचार करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
असामाजिक तत्व रहते हैं सक्रिय
अस्पताल परिसर में आए दिन असामाजिक तत्वों द्वारा मरीज व परिजनों को ठगने से लेकर पॉकेट मारी तक किया जाता है। अस्पताल में प्रवेश के लिए गेट पास का नियम शुरू होने से असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नकेल लगेगी। डीकेएस में तीन मोबाइल चोरी की घटना हो चुकी है।
डीकेएस उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि अस्पताल के अंत: रोगी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए परिजनों को 10 रुपए शुल्क अदा करके गेट पास बनवाना होगा। इस नियम के लागू होने से अस्पताल में कई अव्यवस्थाओं पर लगाम लगेगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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