डीकेएस में न्यूरोलॉजिस्ट ने किया ज्वाइन, न्यूरो मरीजों की जांच 6 से, सप्ताह में तीन दिन ओपीडी

डीकेएस में न्यूरोलॉजिस्ट से इलाज कराने के लिए प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आते हैं, जिनको न्यूरो सर्जरी के डॉक्टर ही इलाज कर रहे थे।

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 03 Jan 2020, 08:08 PM IST

रायपुर. राजधानी के दाऊ कल्याणसिंह सुपरस्पेशलिटी (डीकेएस) अस्पताल में गुरुवार को न्यूरोलॉजिस्ट ने ज्वाइन कर लिया है। अब सोमवार से न्यूरो के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने से मुक्ति मिल जाएगी। डीकेएस में भोपाल एम्स में पदस्थ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत कोहट ने ज्वाइन कर लिया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी संस्थान में विगत 9 सालों से न्यूरोलॉजिस्ट नहीं था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रबंधन भी काफी दिनों से न्यूरोलॉजिस्ट की तलाश कर रहा है। न्यूरोलॉजिस्ट ब्रेन, स्पाइनल कॉड, नसों तथा मांसपेशियों की स्थिति पर नजर रखते हैं और उनके रोगों की पहचान कर इलाज करते हैं। दवा से रोग ठीक न हो पाने की स्थिति में न्यूरोसर्जन की जरूरत पड़ती है। डीकेएस में न्यूरोलॉजिस्ट से इलाज कराने के लिए प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आते हैं, जिनको न्यूरो सर्जरी के डॉक्टर ही इलाज कर रहे थे। डीकेएस में 8 न्यूरो सर्जन हैं। मरीज की गंभीर स्थिति होने पर डॉक्टर एम्स रेफर कर दे रहे थे, जबकि एम्स में विगत तीन-चार माह से न्यूरोलॉजिस्ट नहीं हैं। दोनों बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पताल जाने के लिए मजबूर होना पड़ता हैं।

मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा एम्स

डीकेएस में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अभिजीत कोहट सोमवार से अपनी सेवाएं देने लगेंगे। डीकेएस के उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि इनकी 3 दिन ओपीडी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रहेगी। डॉ. चंद्रमोहन सिंह के बाद मेडिकल कॉलेज में कोई न्यूरोलॉजिस्ट नहीं था। मेडिकल कॉलेज में डॉ. चंद्रमोहन सिंह 2008 से 2011 तक पदस्थ थे। डॉ. हेमंत शर्मा ने बताया कि न्यूरोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीज को एम्स भेजना पड़ता था। न्यूरोलॉजिस्ट के लिए काफी दिनों से प्रयास किया जा रहा था। अब जाकर सफलता मिली है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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