जानबूझकर भी न लें ऐसे मकान और जमीन, नहीं तो मुश्किल में पड़ जाएगी जान

अगर आप नया जमीन या मकान लेने जा रहे हैं तो आपको वास्तुशास्त्र के कुछ मूलभूत नियमों को ध्यान में रखकर ही सौदा करना चाहिए।

By: Lalit Singh

Published: 11 Sep 2017, 11:03 AM IST

रायपुर. अगर आप नया जमीन या मकान लेने जा रहे हैं तो आपको वास्तुशास्त्र के कुछ मूलभूत नियमों को ध्यान में रखकर ही सौदा करना चाहिए। इससे घर या जमीन लेने पर आने वाली परेशानियों, कष्टों से बचा जा सकता है क्योंकि सुरक्षा और उपाय ही बचाव है।

ये हैं कारण-
- जिस स्थान पर वर्षों से कोई नहीं रह रहा हो, ऐसा स्थान नकारात्मक उर्जा से भरा होता है।
- वर्षों से खाली पड़े मकान में भटकी हुई आत्माएं निवास करती हंै, जिसको हम नकारात्मक उर्जा भी कहते हैं। ऐसे स्थान को लेने से हमेशा बचना चाहिए ।
- जिस मकान में कुछ वर्षों के अन्तराल में लगातार मृत्यु हुई हो ऐसे स्थान को लेने से बचना चाहिए ।
- उजाड़ पड़े हुए मकान या फैक्टरी नकारात्मक उर्जा से भरे होते हैं। इनके आसपास जमीन नहीं लेनी चाहिए।
- जिस मकान में आत्महत्या हुई हो वह मकान अशुभ होता है।
- जो मकान संत, महात्माओं के श्राप से शापित हो, उस मकान को सकारात्मक करना मुश्किल होता है।
- जिस मकान में मां-बाप को बच्चों ने तकलीफ पहुंचाई हो उस मकान को भी लेने से बचना चाहिए। ऐसा मकान मां- बाप द्वारा शापित हो जाता है।
- प्राचीन मन्दिर, मठ की खाली पड़ी जमीन नहीं लेना चाहिए।
- जिस भवन में बिजली गिरी हो, ऐसे मकान पर प्रकृति भी नाराज रहता है इसलिए ऐसा मकान आपका भला नहीं कर सकता।

जानें, शरीर में कोई बीमारी है तो भवन के इस कोण से है संबंध
 मनुष्य की बीमारी का भी संबंध भवन के कोण से होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसे भवन को ज्योतिषी से दिखाना चाहिए। परीक्षण कर उसका निवारण करना चाहिए।
ये हैं कारण-
- वास्तु पुरुष भूखंड में उल्टा लेटा हुआ हो।
- वास्तु पुरुष का सिर का हिस्सा ईशान कोण में है।
- जब भी सिर, आंख, कान, नाक और गले के हिस्से में तकलीफ होगी तो आपको भूखंड या भवन के ईशान कोण को देखना होगा।
- वास्तु पुरुष का बायीं कोहनी वायव्य कोण में है इसलिए बाई कोहनी में कोई तकलीफ हो तो वायव्य को देखना चाहिए।
- वास्तु पुरुष का बाएं कंधे से लेकर बाएं हाथ उत्तर दिशा में है इसलिए बाएं हाथ में जब भी कोई बीमारी हो तो भवन के उत्तर दिशा का विचार करें।
- वास्तु पुरुष का दाएं कंधे से लेकर दायाँ हाथ पूर्व दिशा में है इसलिए दाएं हाथ में जब भी कोई बीमारी हो तो भवन के पूर्व दिशा का विचार करें ।
- वास्तु पुरुष का दायीं कोहनी आग्नेय कोण में है इसलिए दायीं कोहनी में कोई तकलीफ हो तो आग्नेय कोण को देखना चाहिए।
- वास्तु पुरुष का पेट से लेकर कमर तक का हिस्सा ब्रम्ह स्थान में पड़ता है इसलिए जब भी शरीर के इन हिस्सों में बीमारी के लक्षण दिखे तब ब्रम्ह स्थान से विचार करना चाहिए ।
- वास्तु पुरुष के पैर से लेकर गुप्त अंग तक का हिस्सा नैऋत्य को पर पड़ता है, इसलिए जब भी शरीर के इन हिस्सों में बीमारी के लक्षण दिखे तब भवन के नैऋत्य कोण से विचार करना चाहिए ।
- वास्तु पुरुष का हार्ट और स्तन का हिस्सा ईशान कोण और ब्रम्ह स्थान के बीच मे पड़ता है इसलिए जब भी शरीर के इन अंगों में बीमारी के कोई भी लक्षण दिखे तो समझिए ईशान कोण और ब्रम्ह स्थान के बीच का हिस्सा दोषपूर्ण होना चाहिए।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार विश्लेषण करने के साथ जातक के ज्योतिष सम्बन्धित विश्लेषण करके किसी निर्णय पर पहुंचना चाहिए ।

Lalit Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned