डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ लगातार हो रहे कोरोना संक्रमित, अब इंफेक्शन कंट्रोल रिव्यू की जरूरत

अब तक 70 फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें अकेले 40 हेल्थ वर्कर्स हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा की नैतिक जिम्मेदारी सरकार, शासन-प्रशासन और प्रबंधन की है। लगातार यह सवाल उठ रहा है आखिर क्यों नहीं इंफेक्शन कंट्रोल कॉमन रिव्यू नहीं होना चाहिए?

By: Karunakant Chaubey

Published: 14 Jun 2020, 10:57 PM IST

रायपुर. प्रदेश में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ वॉर्ड के कोरोना संक्रमित होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को जारी हुई रिपोर्ट में एम्स और डॉ. भीमाराव आंबेडकर अस्पताल के कई मेडिकल स्टाफ संक्रमित पाए गए। इनमें डॉक्टर, नर्स, हॉस्टल वार्डन, वार्ड व्बॉय समेत कई शामिल हैं। अब तक 70 फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें अकेले ४० हेल्थ वर्कर्स हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा की नैतिक जिम्मेदारी सरकार, शासन-प्रशासन और प्रबंधन की है। लगातार यह सवाल उठ रहा है आखिर क्यों नहीं इंफेक्शन कंट्रोल कॉमन रिव्यू नहीं होना चाहिए?

रिव्यू के लिए राज्य स्तरीय इंफेक्शन कंट्रोल कॉमन रिव्यू कमेटी बनाई जा सकती है। जिसमें राज्य कोरोना कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की कंाटेक्ट ट्रेसिंग टीम के सदस्य, एम्स, डॉ.आंबेडकर अस्पताल समेत, आईएमए और हॉस्पिटल बोर्ड से विशेषज्ञों को शामिल किया जा सकता है। ताकि कारण तक तो पहुंचे। अगर, कारण स्पष्ट नहीं हुआ तो संक्रमण डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ-साथ शीर्ष अस्पतालों को संक्रमित कर देगा। ऐसे में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई मुश्किल भी हो सकती है। बता दें कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कह चुके हैं हमें अपने हेल्थ वर्कर्स को वायरस से सुरक्षित रखना है।

एक्सपर्ट व्यू-

कहीं न कहीं कोविड१९ या फिर अन्य जगहों पर तैनात डॉक्टरों और स्टॉफ द्वारा लापरवाही बरती जाती है। मैंने एम्स में भी यह पाया था। अगर, हम पूरी सजगता से काम करेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे। जहां लापरवाही हुई तो वायरस बैठा ही हुआ है अटैक करने के लिए। बिल्कुल, कहां चूक हो रही है इसकी समीक्षा होनी चाहिए।

डॉ. करण पिपरे, पूर्व अधीक्षक, एम्स रायपुर

पूरी दुनिया में हेल्थ वर्कर संक्रमित हो रहे हैं। यह सिर्फ एम्स में हो रहा है ऐसा नहीं है।
निहारिका बारिक, सचिव, स्वास्थ्य विभाग

हेल्थ वर्कर पूरी सजगता से इलाज कर रहे हैं। इनमें से कुछ फीसद वर्कर्स के संक्रमित होने का खतरा रहता ही है। फिर भी सावधानी बरत रहे हैं।

-डॉ. नितिन एम. नागरकर, निदेशक, एम्स रायपुर

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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