आवारा कुत्तों ने मचाया आतंक, 7 लोगों को बुरी तरह काटा, ग्रामीणों में दहशत

इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक छाया हुआ है। ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर काट रहे हैं।

By: Bhawna Chaudhary

Updated: 01 Aug 2020, 11:44 AM IST

धरसींवा. राजधानी से लगे इलाके के गांव में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक छाया हुआ है। ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर काट रहे हैं। बारिश के दिनों में आतंक और बढ़ गया है। चौक-चौराहे पर खड़े होकर आने जाने वाले लोगों को हमला कर घायल कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले की लापरवाही के चलते गांव में आवारा कुत्तों को पकड़ने की योजना नजर नहीं आ रही है, इसलिए गांव में कुत्तों की संया बढ़ती जा रही है। वहीं ग्राम छपोरा में बुधवार शाम को गांव के ही आवारा कुत्तों ने ग्रामीणों को दौड़ा-दौड़ा कर काटा, जिसमें एक ही परिवार के 3 तीन लोग बुरी तरह जमी हो गए। वहीं चार लोगों के हाथ-पैर में दांत गड़ाकर खून निकाल दिया।

7 लोगों में से तीन लोग एक ही परिवार के हैं। इन तीनों का मांढर स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया जा रहा है, जिसमें छपोरा के 10 वर्षीय जय धीवर छात्र को कुत्ते ने हाथ और पैर को काटा है। इसी तरह 30 वर्षीय रानी धीवर को हाथ और चेहरे को कुत्तों ने नोच डाला। इसके अलावा उसके परिवार के बुजुर्ग महिला को भी कुत्तों ने हाथ को जमी कर दिया।

यह तीनों घर के बाहर चौराहे पर बैठे थे। इसी दौरान उन पर कुत्तों ने हमला कर दिया। वहीं छपोरा से लागे ग्राम भुरकोनी में इसी दिन 2 वर्ष के रीहान बंजारे पिता भूपेंद्र बंजारे को सुबह 11.30 बजे घर के बाहर खेल रहे दूसरे मोहल्ले से आए एक पागल कुत्ते ने काट लिया। बच्चे के पेट के नीचे नाखून से हमला कर उसके गर्दन के पास काट लिया, जिसमें बच्चा खून से तरबतर हो गया। परिवार वालों ने रायपुर के बाल गोपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराकर इलाज करवा रहे हैं।

मांढर में छात्र की हो चुकी है मौत
मांढर के 11वीं कक्षा के छात्र शुभम साहू को गांव के ही एक था, परिवार वालों ने नजदीकी निजी चिकित्सालय में डॉक्टर के पास ले गए थे, जहां डॉक्टर द्वारा एंटी रैबीज 5 इंजेक्शन लगाने के बाद भी छात्र को रेबीज हो गया और एक महीने बाद उसकी मौत हो गई।

Show More
Bhawna Chaudhary
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned