छत्तीसगढ़ के 23 जिलों की 72 तहसीलों में सूखे की आशंका, फसलों की क्षति का आंकलन शुरू करने के निर्देश

सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर सूखे से निपटने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी कलेक्टरों को हर दिन बारिश की समीक्षा करने को कहा है। बता दें सूखा प्रबंधन मैनुअल 20216 के मापदण्डों के अनुसार 80 फीसदी से कम बारिश होने पर सूखे की स्थिति निर्मित होती है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 08 Sep 2021, 10:36 AM IST

रायपुर. अल्प वर्षा की स्थिति के कारण प्रदेश के 23 जिलों की ७२ तहसीलों में सूखे की आशंका बढ़ गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 31 अगस्त 2021 की स्थिति में की गई समीक्षा के मुताबिक इन तहसीलों में 80 फीसदी से कम बारिश हुई है। विभाग ने अधिकांश जिलों में खरीफ फसल की स्थिति खराब होने की आशंका जताई है।

इसे देखते हुए विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर सूखे से निपटने के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी कलेक्टरों को हर दिन बारिश की समीक्षा करने को कहा है। बता दें सूखा प्रबंधन मैनुअल 20216 के मापदण्डों के अनुसार 80 फीसदी से कम बारिश होने पर सूखे की स्थिति निर्मित होती है। हालांकि एक-दो दिन से हो रही बारिश से सूखा घोषित करने में कुछ अड़चने जरूर आ सकती है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा कि वे अभी से खरीफ फसलों की क्षति का आंकलन शुरू कर दें। साथ ही जलाशयों में जल भराव की समीक्षा जिला जल उपयोगिता समिति के माध्यम से करके सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाए।

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वैकल्पिक फसल की योजना बनाएं

सूखे की संभावना को देखते हुए वैकल्पिक फसल की योजना बनाई जाए और उसके खाद-बीज की व्यवस्था की जाए। रोजगार के लिए मनरेगा के तहत रोजगार मूलक कार्य शुरू किए जाए। इसके अलावा नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति, पशुचारे की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

अधिकांश कलेक्टरों ने नहीं भेजी जानकारी

इससे पहले राजस्व विभाग ने 31 अगस्त की स्थिति में फसलों और बारिश के संबंध में जानकारी मंगाई थी। इसके लिए कलेक्टरों को 7 सितम्बर तक का समय दिया गया था। तय समय में दो-तीन जिलों ने ही जानकारी भेजी है। इससे राजस्व विभाग को कार्ययोजना तैयार करने में भी दिक्कत आ रही है।

इन तहसीलों में 80 फीसदी से कम बारिश

रायपुर जिले में आरंग, तिल्दा व अभनपुर, कांकेर जिले में दुर्गकोंदल, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा, अंतागढ़, नरहरपुर व पंखाजूर, बस्तर जिले में जगदलपुर, बकावंड, तोकापाल व लोहन्डीगुडा, दंतेवाड़ा जिले में कुआकोन्डा, गीदम, बड़े बचेली व दंतेवाड़ा, धमतरी जिले में नगरी, कुकरेल, धमतरी व कुरुद, बीजापुर जिले में भोपालपट्टनम, उसूर, भैरमगढ़ व बीजापुर, बालोद जिले में बालोद, गुण्डरदेही, डौंडी, गुरुर, अर्जुन्दा व डौंडीलोहारा, बलरामपुर जिले में राजपुर व बलरामपुर, बलौदबाजार जिले में भाटापारा, सिमगा और बिलाईगढ़, कबीरधाम जिले में रेंगाखारकला, कोण्डागांव जिले में माकड़ी, केशकाल व कोण्डागांव, कोरिया जिले में केल्हारी व मनेन्द्रगढ़, महासमुंद जिले में पिथौरा, सराईपाली, बसना व महासमुंद, बिलासपुर जिले में मस्तूरी, रायगढ़ जिले में रायगढ़, पुसौर, खरसिया, तमनार व धरमजयगढ़, राजनांदगांव जिले में छुरिया, अम्बागढ़ चौकी, डोंगरगढ़, राजनांदगांव व मोहला, सरगुजा जिले में उदयपुर, दरिमा, लुण्ड्रा व सीतापुर, सुकमा जिले में गादीरास व सुकमा, सूरजपुर जिले में प्रतापपुर, जांजगीर-चांपा जिले सारागांव व बम्हनीडीह, जशपुर जिले में पत्थलगांव व फरसा बहार, गरियाबंद जिले में छुरा व मैनपुर और नारायणपुर जिले की नारायणपुर तहसील शामिल हैं।

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