डर से 36 लाख लोगों ने नहीं लगवाई कोरोना की दूसरी डोज, मन में उठ रहे कई सवाल तो काम आ सकती है ये जानकारी

छत्तीसगढ़ (Corona Vaccine in Chhattisgarh) में 1.39 करोड़ लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। सेकंड डोज लगवाने वालों का आंकड़ा अभी 55.30 लाख तक ही पहुंचा है।

By: Ashish Gupta

Updated: 06 Oct 2021, 11:52 AM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Corona Vaccine in Chhattisgarh) में 1.39 करोड़ लोगों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। सेकंड डोज लगवाने वालों का आंकड़ा अभी 55.30 लाख तक ही पहुंचा है। यानी फर्स्ट डोज के बाद 83 लाख लोगों को सेकंड डोज लगनी शेष है। इन 83 लाख लोगों में से 37 लाख लोग ऐसे हैं जिनका सेकंड डोज लगवाने का समय बीत चुका है।

इनमें 90 प्रतिशत से अधिक को कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield vaccine) लगी है, जिसके फर्स्ट और सेकंड डोज के बीच का अंतर 12 से 16 हफ्ते का है। स्पष्ट है कि इतने लोगों ने निर्धारित समय पर सेकंड डोज न लगवाकर पहली डोज के प्रभाव को कम कर दिया। या यूं कहें कि 37 लाख गैर जिम्मेदार लोगों ने वैक्सीन बर्बाद कर दी! केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक समय पर सेकंड डोज न लगवाने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है।

खतरा नहीं इसलिए लोग हुए लापरवाह
आंबेडकर अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. आरके पंडा का कहना है कि कोरोना खत्म नहीं हुआ है। वायरस अभी भी समुदाय में है। अगर हमें इससे बचना है तो टीकाकरण महत्वपूर्ण है।

क्या हो जिम्मेदारी
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीआर भगत का कहना है हर सरकारी कर्मचारी, अधिकारी अपने दफ्तर में आने वालों, घरों में आने वालों से पूछे कि वैक्सीन लगवाई है, अगर नहीं तो उन्हें लगवाने को कहें।

हर स्तर पर हो रहे प्रयास- राज्य में सेकंड डोज न लगवाने वालों को प्रत्येक जिला प्रशासन अपने स्तर पर केंद्रों तक लाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए एनजीओ की मदद ली जा रही है। जिला कंट्रोल रूम से कॉल किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीआर भगत ने कहा, इतनी तबाही के बाद भी नहीं समझेंगे तो क्या कर सकते हैं? जबकि कोरोना वैक्सीन का प्रोटोकॉल ही 2 डोज का बनाया गया है। दोनों डोज लगवाना जरूरी है। नहीं तो एंटीबॉडी कम बनेंगी, नहीं भी बनेगी।

पत्रिका एक्सप्लेनर
आप अगर किसी भ्रम में हैं, डरे हुए हैं तो ये जवाब आपकी मदद करेंगे-
सवाल- मैं चाहता हूं वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाऊं, मगर देरी हो गई है?

जवाब- कोई बात नहीं। जितनी जल्दी हो सेकंड डोज लगवाएं। संकोच न करें। कोवैक्सीन की दूसरी डोज 28 दिन, कोविशील्ड की 12 से 16 हफ्ते के बीच लगवानी चाहिए। दूसरी डोज कोरोना के नए वेरिएंट से प्रोटेक्ट करेगी।

सवाल- एक ही डोज भी तो एंटीबॉडी बनाएगी?
जवाब- ऐसा नहीं है, दोनों डोज जरूरी हैं। अगर, ऐसा होता तो एक ही डोज बनती। शरीर के लिए जितनी एंटीबॉडी की आवश्यकता है, वह दोनों डोज से बनेगी।

सवाल- पहले डोज में बुखार आया था, हाथ में दर्द था?
जवाब- किसी-किसी को समस्या हो सकती है। हम किसी अन्य बीमारी का इंजेक्शन लगवाते हैं तो भी दर्द होता है। यह सामान्य है। घबराएं नहीं। (नोट- विशेषज्ञों द्वारा बताए अनुसार।)

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