सावधान: कहीं आप भी ब्रांडेड के नाम पर नकली चश्मा और घड़ी तो नहीं खरीद रहे

नवरात्रि, दशहरा से लेकर दिवाली तक बाजार में खरीदारों की भीड़ रहती है। इस दौरान ब्रांडेड कंपनियों के नाम से लोग आंख मूंद कर भरोसा करके सामान खरीदते हैं।

By: Ashish Gupta

Updated: 14 Oct 2021, 05:15 PM IST

रायपुर. नवरात्रि, दशहरा से लेकर दिवाली तक बाजार में खरीदारों की भीड़ रहती है। इस दौरान ब्रांडेड कंपनियों के नाम से लोग आंख मूंद कर भरोसा करके सामान खरीदते हैं। ऐसे में नकली सामान बनाने वाले भी अपना माल खपाते हैं। लेकिन आपको सावधान होने की जरूरत हैं। सामान लेते समय अच्छे से जांच परखकर और रसील लेना न भूलें।

दरअसल, शहर में ब्रांडेड के नाम पर नकली सामान बेचने का कारोबार बेखौफ चल रहा है। फेसक्रीम, शैंपू से लेकर अब टाइटन और फास्टट्रैक जैसी कंपनी के नकली चश्मा और घड़ियां भी बेच रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों ने गोलबाजार के दो दुकानों में छापा मार कर 500 से अधिक टाइटन का नकली चश्मा और घड़ियां जब्त की। दो कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। इससे पहले भी कई नकली सामान बरामद हो चुका है।

पुलिस के मुताबिक ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इंवेस्टीगेशन अधिकारी मयंक शर्मा ने गोलबाजार इलाके में टाइटन कंपनी का नकली चश्मा और फास्टट्रैक की घड़ियां बेचने की शिकायत की। इसके आधार पर गोलबाजार पुलिस ने गोदड़ीवाला ऑप्टिकल और नरेश वॉच सेंटर में छापा मारा। गोदड़ीवाला ऑप्टिकल से टाइटन कंपनी का 20 नकली आईवियर चश्मा बरामद हुआ। इसके संचालक मनीष चौथवानी है।

इसके बाद पुलिस ने नरेश वॉच सेंटर में छापा मारकर मौके से फास्टट्रैक कंपनी की 495 नकली घड़ियां जब्त की। इसके संचालक नरेश माखीजा है। दोनों कंपनी से बरामद नकली चश्मा और नकली घड़ी हुबहू असली जैसा ही था, लेकिन जांच में दोनों नकली निकली। दोनों दुकानदार के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

इंजन ऑयल से लेकर सौंदर्य प्रसाधन तक मिल चुके हैं नकली
शहर में इंजन ऑयल, ऑटोमोबाइल के पार्ट्स, शैंपू, चाय, फेयरनेस क्रीम आदि सामान ब्रांडेड के नाम पर नकली मिल चुके हैं। लोग ब्रांडेड कंपनी के नाम से नकली सामान खरीदकर उपयोग कर रहे हैं। पैकेजिंग, साइज हुबहू असली जैसा ही होता है, इस कारण लोग आसानी से पहचान नहीं पाते हैं।

ठोस कार्रवाई का नियम नहीं
नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई होती है, जिसमें गिरफ्तारी के बजाय केवल नोटिस भेजकर न्यायालय में पेश करने का प्रावधान है। इसके चलते कई कारोबारी धड़ल्ले से ब्रांडेड कंपनियों के नकली प्रोडक्ट बनाकर बेच रहे हैं। नकली सामान बेचने वालों के खिलाफ पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है।

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