रिटायरमेंट के दिन संयुक्त संचालक के प्रमोशन को विभाग ने माना गलत, डिमोशन देकर मूल विभाग में भेजा

- राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त संचालक का मामला ।
- अपनी गलती छिपाने विभाग आरोप मढ़ रहा संयुत संचालक पर ।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 30 Nov 2020, 01:25 PM IST

रायपुर. स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों को प्रमोशन देने के नाम पर विभागीय लापरवाही बरती जा रही है। स्कूल शिक्षा विभााग के जिम्मेदार दस्तावेजों की जांच किए बिना अधिकारियों को प्रमोशन दे रहे हैं। अधिकारियों के प्रमोशन की शिकायत हो रही है, तो दस्तावेजों की जांच कर उनका डिमोशन कर देते है। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद में संयुक्त संचालक राम निवास ङ्क्षसह के प्रमोशन में इसी तरह की गड़बड़ी सामने आई है। जांच के बाद अधिकारियों की पोल न खुले इसलिए जिम्मेदार ने राम निवास ङ्क्षसह के रिटायरमेंट के दिन उनका डिमोशन कर दिया। मामले ने अब तूल पकड़ा तो विभागीय अधिकारी बयानबाजी करने से बच रहे हैं।

2008 में हुआ था प्रमोशन
स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2008 में आरएन सिंह को प्रमोशन दिया था। आरएन सिंह को सहायक प्राध्यापक से उप संचालक बनाया गया था। प्रमोशन ने तूल पकड़ा और जमकर विवाद हुआ। प्रमोशन को लेकर जांच भी बिठाई गई, लेकिन राजनैतिक दबाव के चलते पूरा मामला शांत हो गया। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद फिर से आरएन सिंह के प्रमोशन को लेकर शिकायत अलग-अलग की गई। मामले मंे सीएम भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री ने जांच करने के बाद रिपोर्ट सबमिट करने का निर्देश दिया। डेढ़ साल तक अफसर रिपोर्ट तैयार करते रहे। आरएन सिंह की विदाई के दिन स्कूल शिक्षा विभाग ने उनके प्रमोशन को गलत माना और आदेश जारी करके राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सहायक संचालक की पोस्ट पर वापस भेजा है।

अफसर नहीं दे रहे जवाब
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आरएन सिंह पर कार्रवाई 28 नवंबर को कही है। अवर सचिव के निर्देश ने उन्हें डिमोशन देने का निर्देश जारी किया है। मामला विवाद में आता देखकर विभागीय अधिकारी बयान बाजी करने से बच रहे है। स्कूल शिक्षा विभाग के संचालक से डिमोशन के आगे की प्रक्रिया जानने के लिए पत्रिका संवाददाता ने फोन किया। संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आदेश न देखने की बात कही और फोन काट दिया। आरएन सिंह का डिमोशन करने के बाद विभाग आगे क्या प्रक्रिया अपनाएगा? इस सवाल का जवाब पूछने के लिए स्कूल शिक्षा सचिव को फोन किया तो स्कूल शिक्षा सचिव ने फोन रिसिव नहीं किया।

Bhupesh Tripathi
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