रायपुर में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, प्रदूषण से मिलेगी राहत

रायपुर में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, प्रदूषण से मिलेगी राहत

Anupam Rajiv Rajvaidya | Updated: 08 Aug 2019, 09:36:20 PM (IST) Raipur, Raipur, Chhattisgarh, India

  • केंद्र सरकार (central govt) की फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme)
  • 50 इलेक्ट्रिक बसें (electric buses) मिलेंगी रायपुर (Raipur) को
  • क्लीन एनर्जी (clean energy) को बढ़ावा देना है उद्देश्य
  • ग्रीन हाउस गैस (Green House Gas) उत्सर्जन में लाएंगे कमी

अनुपम राजीव राजवैद्य /रायपुर. छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें (electric buses) चलेंगी। केंद्र सरकार (central govt) ने फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme) के तहत रायपुर (Raipur) के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है। देश के प्रदूषित शहरों में शुमार रायपुर (Raipur) को इलेक्ट्रिक बसें (electric buses) चलने से प्रदूषण से राहत मिल सकेगी।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय (Union Ministry of Heavy Industries) ने फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme) के दूसरे चरण (FAME 2 scheme) के तहत शहर के अंदर परिचालन के साथ-साथ एक शहर से दूसरे शहर के बीच परिचालन के उद्देश्य से 64 शहरों, राज्य सरकारों के निकायों और राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू) के लिए 5595 इलेक्ट्रिक बसों (electric buses) को मंजूरी दी है।
वर्ष 2022 तक देश में 70 लाख हाइब्रिड-इलेक्ट्रिकल वाहन
देश में क्लीन एनर्जी (clean energy) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार (central govt) ने फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme) लॉन्च की है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय (Union Ministry of Heavy Industries) ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स (फेम) स्कीम को अप्रैल 2015 में लॉन्च किया था। फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme) के जरिए सरकार (central govt) की योजना साल 2022 तक देशभर में 60-70 लाख हाइब्रिड और इलेक्ट्रिकल वाहनों (electric buses) को चलाने की है।
62000 करोड़ रुपए की होगी बचत
इन हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स से करीब 950 करोड़ लीटर पेट्रोल (Petrol) एवं डीजल की खपत में कमी आएगी। इससे इस पर खर्च होने वाले 62 हजार करोड़ रुपए की भी बचत होगी। फेम इंडिया स्कीम (fame india scheme) को लागू करने का मकसद प्रदूषण को कम करना और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन (Green House Gas) में भी कमी लाना है।
इनसे मांगे गए थे प्रस्ताव
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय (Union Ministry of Heavy Industries) ने 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों, स्मार्ट सिटी, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों और विशेष श्रेणी वाले राज्यों के शहरों से अभिरुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए थे, ताकि वे परिचालन लागत के आधार पर इलेक्ट्रिक बसों (electric buses) की तैनाती अथवा इस्तेमाल के लिए अपने-अपने प्रस्ताव पेश कर सकें। 14,988 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती अथवा उपयोग के लिए 26 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 86 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अभिरुचि पत्र के अनुसार इन प्रस्तावों पर गौर करने के बाद परियोजना कार्यान्वयन एवं मंजूरी समिति (पीआईएससी) से परामर्श के बाद सरकार (central govt) ने एक शहर से दूसरे शहर तक परिचालन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों (electric buses) समेत 64 शहरों/राज्य परिवहन निगमों के लिए 5095 इलेक्ट्रिक बसों, शहर के अंदर परिचालन के लिए 400 इलेक्ट्रिक बसों और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी हेतु दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) (DMRC) के लिए 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी।

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