scriptelectricity from cow dung, now preparing to make natural paint | गोबर से बिजली के बाद अब प्राकृतिक पेंट बनाने की तैयारी | Patrika News

गोबर से बिजली के बाद अब प्राकृतिक पेंट बनाने की तैयारी

- मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 21 को होगा एमओयू
- प्रयोग के तौर पर 75 गोठानों से होगी शुरुआत

रायपुर

Published: November 19, 2021 04:58:58 pm

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार गोबर से बिजली बनाने के बाद अब गोबर (Electricity & paint from Cow Dung) से प्राकृतिक पेंट बनाने की दिशा में अपना कदम बढ़ाने जा रही है। फिलहाल इसकी शुरुआत राज्य के 75 चयनित गोठानों से होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में 21 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्राकृतिक पेंट निर्माण की तकनीकी हस्तांतरण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य गो-सेवा आयोग एवं कुमाराप्पा नेशनल पेपर इंस्टीट्यूट जयपुर, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय नई दिल्ली के बीच एमओयू होगा।

paint_cowdunk.jpg

45 करोड़ रुपए की होगी आय
कृषि विभाग ने गोठानों का चयन और वहां पर प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए कार्बाेक्सी मिथाईल सेल्यूलोज (सीएमसी) निर्माण इकाई एवं पेंट निर्माण इकाई की स्थापना की पहल शुरू कर दी गई है। इन इकाइयों से प्रतिदिन 500 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन होगा। प्रथम चरण में गोठानों में स्थापित पेंट निर्माण इकाइयों से प्रति वर्ष लगभग 37.50 लाख लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन संभावित है। प्राकृतिक पेंट का अभी विक्रय मूल्य 120 रुपए प्रति लीटर जीएसटी अतिरिक्त है। इसके मान से गोठानों में बनने वाले प्राकृतिक पेंट के विक्रय से प्रति वर्ष 45 करोड़ रुपए की सकल आय होगी।

25 गोठानों में पेंट निर्माण और 50 में सीएमसी इकाई
प्राकृतिक पेन्ट निर्माण का मुख्य घटक कार्बाेक्सी मिथाईल सेल्यूलोज (सीएमसी) होता है। 100 किलो गोबर से लगभग 10 किलो सूखा सीएमसी तैयार होता है। कुल निर्मित पेंट की मात्रा का 30 प्रतिशत भाग सीएमसी का होता है। कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना में 25 गोठानों में पेंट निर्माण इकाई तथा 50 गोठानों में सीएमसी इकाई की स्थापना की जाएगी। इसके लिए गोधन न्याय योजनांतर्गत न्यूनतम 400 किलो गोबर प्रतिदिन क्रय किए जाने वाले सड़क मार्ग से जुड़े गोठानों का चयन किया गया है, जहां वर्किंग शेड, विद्युत एवं पानी उपलब्ध है।

दिया जाएगा प्रशिक्षण
प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए गोठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं और गांवों के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल में महिला समूहों और युवकों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के साथ ही आय का जरिया भी उपलब्ध कराना है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Numerology: कम उम्र में ही अच्छी सफलता हासिल कर लेते हैं इन 3 तारीखों में जन्मे लोगहो जाइये तैयार! आ रही हैं Tata की ये 3 सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, शानदार रेंज के साथ कीमत होगी 10 लाख से कमइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजमां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां, चमका देती हैं ससुराल वालों की किस्मतShani: मिथुन, तुला और धनु वालों को कब मिलेगी शनि के दशा से मुक्ति, जानिए डेटइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीweather update: राजस्थान के इन जिलों में हुई बारिश, जानें आगे कैसा रहेगा मौसमतत्काल पैसों की जरुरत है? तो जानिए वो 25 बैंक जो दे रहे हैं सबसे सस्ता Personal Loan

बड़ी खबरें

UP Assembly Elections 2022 : पलायन और अपराध खत्म अब कानून का राज,चुनाव बदलेगा देश का भाग्य - गृहमंत्री शाहराजपथ पर पहली बार 75 एयरक्राफ्ट और 17 जगुआर का शौर्य प्रदर्शन, देखें फुल ड्रेस रिहर्सल का वीडियोहेट स्पीच को लेकर हिन्दू संगठन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा-मुस्लिम नेताओं की भी हो गिरफ्तारीCovid-19 Update: देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3.37 लाख नए मामले, ओमिक्रॉन केस 10 हजार पारनेताजी की जयंती अब पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाएगी, PM मोदी समेत इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलिछत्तीसगढ़ में माओवादियों की मांद में सेंध लगाएगा BSF का एरावत, पहली बार 10 एमपीवीं पहुंची CG, जंगलों में होगा तैनातपोस्ट ऑफिस ग्राहकों के लिए नया नियम, बिना पासबुक रुक जाएंगे आपके यह काम, जानें पूरी डिटेलघने कोहरे की वजह से तेजस एक्सप्रेस हुई लेट, रेलवे देगा 544 यात्रियों को भारी मुआवजा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.