हाथियों ने गंगरेल डेम के गार्डन में मचाया उत्पात

धमतरी : गंगरेल और मरादेव क्षेत्र में फैला कफ्र्यू सा सन्नाटा

By: ramdayal sao

Published: 21 Feb 2021, 01:46 AM IST

raipur/धमतरी. गंगरेल में हाथियों की दहशत तीसरे दिन भी रही। छह घंटे तक न्यू गार्डन में कोहराम मचाने के बाद वे बांध के मुख्य गेट तक पहुंंच गए थे। इसके बाद फिर बाघमाड़ा पाइंट में लौट गए। इधर, वन विभाग ने हाथियों को सुरक्षित उनके स्थान में भेजने के लिए महाराष्ट्र से एक्सपर्ट को बुलाया है।
हाथियों का दल शुक्रवार की रात करीब दस बजे एक बार फिर गंगरेल डेम के न्यू गार्डन में पहुंच गए और यहां लगे पेड़-पौधों को तहस-नहस कर दिया। गार्डन में बच्चों के खेलने के लिए लगे सारे स्टूमेंटस और प्रतिमाओं को भी नुकसान पहुंचाया। यहां लगे पॉम के पेड़ को तोडकऱ उसका कंद मूल खाने के बाद रात करीब 4 बजे वे वापस बाघमाड़ा पाइंट जाम बाहरा (मरादेव) लौट आए। उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग की ओर से यहां करीब 5 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से सुंदर गार्डन बनाया था। हाथियों ने यहां करीब 40 लाख का नुकसान कर दिया। उधर, हाथियों के डर के चलते मरादेव और गंगरेल के ग्रामीण तीसरे दिन भी अपने घरों में दुबके रहे।
मां अंगारमोती मंदिर परिसर से लेकर यहां सभी तरह की दुकानें बंद करा दी गई है। यहां कफ्र्यू जैसा माहौल है। सुबह विधायक और एसपी बीपी राजभानु ने गार्डन पहुंचकर स्थितियों का जायजा लिया। इधर, हाथियों को रहवासी इलाके से दूर जंगल में रखने के लिए डीएफओ सतोविशा समाजदार ने 5 रेंज के वन अफसर और मैदानी अमला की ड्यूटी लगाई है। एसडीओ जयदीप झा, धमतरी रेंंजर महादेव कन्नौजे, आलोक वाजपेयी नगरी, दुगली रेंंजर आशीष आर्या, बिरगुड़ी रेंजर समेत उडऩदस्ता की टीम हाथियों के पीछे-पीछे घूमकर निगरानी कर रही हैं।

- हाथी जंगल में रहने वाला प्राणी है, इसलिए उनके साथ कोई भी छेडख़ानी न करें। रहवासी इलाके से उन्हें दूर ले जाने महाराष्ट्र से हाथी एक्सपर्ट को बुलाया गया है। प्रदेश में हाथी कारीडोर बनाने का प्रस्ताव है।
- सतोविशा समाजदार, डीएफओ

ramdayal sao Desk
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