कांग्रेस की घेराबंदी के बीच मरवाही में जकांछ का इमोशनल दांव, रेणु जोगी बोलीं- पांचवी बार भी मरवाही की जनता बनेगी सहारा

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन पेन्ड्रा के मल्टीपर्पज स्कूल के असेंबली हॉल में हुआ। अजीत जोगी की पत्नी और कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी ने भरे गले से लगभग रोते हुए कहा, जोगी जी ने जो कुछ पाया मरवाही की जनता के आशीर्वाद से पाया।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 20 Jul 2020, 05:37 PM IST

पेन्ड्रा/रायपुर. उपचुनाव में मरवाही सीट पर कांग्रेस की घेराबंदी के बीच जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने इमोशनल दांव चल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद पहली बार पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन पेन्ड्रा के मल्टीपर्पज स्कूल के असेंबली हॉल में हुआ। अजीत जोगी की पत्नी और कोटा विधायक डॉ. रेणु जोगी ने भरे गले से लगभग रोते हुए कहा, जोगी जी ने जो कुछ पाया मरवाही की जनता के आशीर्वाद से पाया। अब पांचवी बार भी मरवाही की जनता ही जोगी परिवार का सहारा बनेगी।

डॉ. रेणु जोगी ने कहा, जोगी जी ने अपने काम से हमेशा मुझे चौकाया है। वह 4 जिलों में कलेक्टर रहे। 2 घंटे में नौकरी छोड़ राज्यसभा चले गए। 2009 में जब सोनिया गांधी ने उन्हें मरवाही छोड़कर महासमुंद से लोकसभा चुनाव लडऩे के लिए कहा तो जोगी जी ने यह कहकर मना कर दिया कि एक बार मरवाही की जनता को छोड़ा था, अब नहीं छोड़ सकता।

मरवाही के लोगों के लिए उनका प्यार मुझसे और अमित से भी ज्यादा था। रायपुर में होम क्वारंटाइन अमित जोगी ने वीडियो कॉल करके कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अमित ने भी दिवंगत अजीत जोगी की विरासत और संघर्षों को आगे ले जाने की बात कही। सभा में जकांछ विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह, शिवनारायण तिवारी, अजित पेन्द्रे, संपत सिंह, मूलचंद कुशराम, अशोक नगाइच, पंकज तिवारी आदि सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।

अमित जोगी उम्मीदवार घोषित

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से खाली हुई मरवाही विधानसभा में उपचुनाव प्रस्तावित है। कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन जकांछ ने अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। क्षेत्रीय राजनीति के हिसाब से शनिवार के कार्यकर्ता सम्मेलन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पार्टी छोडऩे वालों को चेतावनी

लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह ने पार्टी छोड़कर जाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले चुनाव के दौरान भी कई कार्यकर्ताओं को बड़े पदों का लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया गया था। अब निगम- मंडलों की नियुक्ति हुई है। लिस्ट उठाकर देख लीजिए किसे पद दिया गया है, कांग्रेस में शामिल हुए कार्यकर्ताओं को देख लीजिए। सब दही के लालच में गए थे अब चूना चाट रहे हैं। प्रेस से बात करते हुए धर्मजीत सिंह ने कहा, विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत जप्त हो गई थी। इसलिए उनकी चिंता और दौरे जायज है। हमें उनके दौरों से कोई आपत्ति नहीं है। हमारे पास कोई मंत्री तो नहीं है पर हमारे साथ मरवाही की जनता है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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