कर्मचारियों के हित में केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: सभी कंपनियों को अपने कर्मचारियों को देनी होगी मेडिक्लेम की सुविधा

सरकार ने यह कदम कोरोनावायरस जैसी बीमारियों से निपटने के लिए उठाया है

By: ashutosh kumar

Published: 23 Apr 2020, 06:57 PM IST

रायपुर. केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने लॉकडाउन के बाद कामकाज शुरू करने वाली सभी कंपनियों के लिए कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस देना जरूरी कर दिया है। इसका मतलब है कि अब हर कंपनी को अपने कर्मचारियों को आवश्यक रूप से मेडिकल इंश्योरेंस देना होगा। सरकार ने यह कदम कोरोनावायरस जैसी बीमारियों से निपटने में लोगों को आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए उठाया है।
इससे पहले संस्थानों को अपने कर्मचारियों को हेल्थ इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराना अनिवार्य नहीं था। कॉरपोरेट ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी मुख्य रूप से कर्मचारी के अस्पताल में भर्ती होने के खर्च को कवर करती है। इसमें उसके जीवनसाथी या माता-पिता को भी कवर किया जाता है। इसके चलते बीमारी या दुर्घटना में घायल होने पर आपके इलाज का खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी।

सभी कंपनियों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अपनाना जरूरी
बीमा नियामक इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) ने इस बारे में सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी औद्योगिक और कमर्शियल प्रतिष्ठानों, दफ्तरों और फैक्ट्रियों को कामकाज शुरू करने से पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को अपनाना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के साथ उन्हें सभी कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी देना अनिवार्य है। सर्कुलर में इरडा ने बीमा कंपनियों से व्यापक हेल्थ पॉलिसी मुहैया कराने का सुझाव दिया है।
इरडा ने कहा कि संस्थानों को मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी केवल ताजा स्थितियों को देखते हुए ही नहीं देनी चाहिए बल्कि हमेशा के लिए यह व्यवस्था करनी चाहिए। उसने इंश्योरेंस कंपनियों को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को इस तरह बनाने के लिए कहा जिससे छोटे उद्यमों के बजट में भी इन्हें ले पाना संभव हो।

ईएसआई: 21 हजार रुपए या इससे कम मासिक सैलरी वाले कर्मचारियों को भी होगा फायदा
श्रम कानून के अनुसार, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अधिनियम, 1948 के तहत संगठित क्षेत्र के उन कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाता है जिनकी मासिक सैलरी 21,000 रुपए या इससे कम है। ईएसआई के तहत बीमित व्यक्ति को भी अब कंपनी की ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का अतिरिक्त बेनिफिट मिलेगा।

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15 मई तक रिन्युअल करा सकेंगे हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस
देशभर में लागू लॉकडाउन को देखते हुए हाल में सरकार ने हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस की रिन्युअल की तारीख को बढ़ाकर 15 मई कर दी गई है ताकि बीमा पॉलिसी लेने वालों को किसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। ऐसे समझें अगर आपके मोटर या हेल्थ इंश्योरेंस की रिन्युअल की तारीख 25 मार्च से तीन मई के बीच थी, तो वह पॉलिसी अब 15 मई तक वैध रहेगी।

ashutosh kumar Desk
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