हाईप्रोफाइल छापा: EOW ने निलंबित ADG जीपी सिंह के ठिकानों से जब्त सामान की सूची सौंपी

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के मामले में विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल की अदालत में सर्च वारंट को जमा कराया।

By: Ashish Gupta

Updated: 15 Jul 2021, 11:28 AM IST

रायपुर. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के मामले में विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल की अदालत में सर्च वारंट को जमा कराया। साथ ही बताया कि कोर्ट द्वारा जारी किए गए सर्च वारंट के आधार पर 1 जुलाई को जीपी सिंह के पेंशनबाडा स्थित शासकीय आवास सहित और उनके करीबी लोगों के 15 ठिकानों पर दबिश दी गई थी।

तलाशी में 10 करोड़, 60 लाख, 14185 रुपए की चल-अचल संपत्ति बरामद की गई है। इसमें 22 अचल संपत्ति, 17 बैंक खाता, 29 पोस्ट ऑफिस जमा खाता, 2 एचयूएफ, 79 बीमा, 69 म्युच्अल फंड, शेयर एवं निवेश के दस्तावेज, 3 वाहन, 2 किलो सोना और 16 लाख 30000 नगदी और विलासिता का सामान बरामद जब्त किया गया था। छापेमारी टीम के प्रमुख द्वारा इसकी रिपोर्ट मुख्य विवेचना अधिकारी को सौंपी गई है।

साथ ही बताया गया है कि छापेमारी की कार्रवाई को पूरा कर लिया गया है। बता दें कि ईओडब्ल्यू एवं एसीबी द्वारा सर्च वारंट जमा करने के बाद दोबारा छापेमारी करने के लिए कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ेगी। सर्च वारंट जमा नहीं कराए जाने पर यह आशंका भी जताई जा रही थी कि टीम दोबारा जीपी सिंह के ठिकानों पर छापा मार सकती है।

आय के स्रोत की तलाश
ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम निलंबित एडीजी जीपी सिंह के आय के स्रोत को खंगालने में जुटी हुई है। आयकर विभाग से मिली जानकारी के आधार पर जमा कराए जाने वाले टैक्स रिटर्न को जांच के दायरे में लिया गया है। साथ ही उसमें दी गई चल-अचल संपत्तियों के विवरण से मिलान किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि पिछले 5 वर्ष के रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि प्राथमिक जांच में बेहिसाब खर्च किए जाने की जानकारी मिली है।

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