नक्सल हमलों में शहीद जवानों के परिवार ने सुनाया अपना दर्द, कहा- अन्याय कर रही सरकार

नक्सल हमलों में शहीद जवानों के परिवार ने सुनाया अपना दर्द, कहा- अन्याय कर रही सरकार

Deepak Sahu | Publish: May, 18 2018 11:54:36 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

सभी पेंशनरों को समय-समय पर दिया जाने वाला मंहगाई भत्ता देकर राहत प्रदान किया जा रहा है ,लेकिन केवल शहीदों के परिजन इस राहत से वंचित है

रायपुर . बस्तर में माओवादी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों ने सरकार पर परिवार को दिए जाने वाले पेंशन में महंगाई भत्ते से वंचित करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सामान्य तौर पर सभी पेंशनरों को समय-समय पर दिया जाने वाला मंहगाई भत्ता देकर राहत प्रदान किया जा रहा है ,लेकिन केवल शहीदों के परिजन इस राहत से वंचित है।

पुत्र के शहीद हो जाने के बाद लगाई गुहार
बस्तर के कोंडागांव जिले की चंद्रकला सरोज ने रोते हुए बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को एक खत लिखा है। उस भेजे गए खत में उन्होंने लिखा है कि उसका पुत्र अखिलेश सरोज 28 मई 2007 को माओवादियों के हमले में शहीद हो गया था। पुत्र के शहीद हो जाने के बाद उसे पेंशन तो मिल रही है, लेकिन महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

शासन से कुछ सुविधाएं तो मिली, लेकिन सरकार अब भी बेहद कम पेंशन दे रही है
कोंडागांव के रहने वाली रामदई नेताम ने भी अपने खत में यही शिकायत दोहराई है। रामदई का कहना है कि उसका पुत्र गणेशराम दुर्ग जिले के एसटीएफ में पदस्थ था, लेकिन 25 नवम्बर 2011 को माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गया। इस दौरान शासन से कुछ सुविधाएं तो मिली, लेकिन सरकार अब भी बेहद कम पेंशन दे रही है। यदि पेंशन में महंगाई भत्ता शामिल कर लिया जाएगा तो थोड़ी राहत मिलेगी।

बहुत से शहीद परिवारों की यही है शिकायत
जिला कांकेर नरहरपुर की निवासी चंदाबती मंडावी, चंगोराभाटा रायपुर की सीमा शर्मा, कोंडागांव आरइएस कालोनी की प्रभा नेताम, पुलिस लाइन कोंडागांव की शांति नेताम, अघनबती दीवान, शबीना खान, बसंती नेताम, पीलाराम नेताम, सुलमति नेताम, डौंडी लोहारा बालोद की भारती प्रजापति, पुलिस लाइन जगदलपुर की उमा देवी ने भी अपने खत में सरकारी कर्मचारियों को वर्ष 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है किन्तु शहीदों के परिवारों को दिए जाने वाले पेंशन में गड़बड़ी देखने को मिल रही है।

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