4 दिन से बंद थी खरीदी, किसानों ने समिति प्रबंधक-नोडल अधिकारी को बंधक बनाया

बोड़ला व मोहगांव-रैतापारा उपार्जन केंद्र में बारदाना नहीं होने से किसान नाराज, नाराजगी के चलते उपार्जन केंद्र में किसानों ने किया हंगामा

रायपुर/कवर्धा. धान खरीदी केंद्रों में रुकावटों से नाराज किसानों का गुस्सा बढ़ रहा है। कवर्धा के बोड़ला और रैतापार में बारदाना नहीं होने से खरीदी प्रभावित है। प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को समिति प्रबंधक और नोडल अधिकारी को बंधक बना लिया।
किसानों ने समिति प्रबंधक और पटवारी को कार्यालय में बंद कर बाहर से ताला जड़ दिया। साथ प्रदर्शन करते हुए परिसर में ही बैठ गए। आक्रोशित किसानों का कहना है कि धान चाहे 20 फरवरी तक खरीदे या फिर 2 महीने तक। एक भी किसान का धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए। क्योंकि बोड़ला सोसायटी में पिछले चार दिनों धान खरीदी बंद है, जबकि मात्र छह दिन का समय शेष है। बोड़ला सोसायटी में 1011 पंजीकृत किसानों में केवल 670 किसान अपना धान बेच पाए हैं। 341 किसान अभी भी धान बेचने से वंचित है। बोड़ला सोसाइटी में 32 हजार क्विंटल धान लेने का लक्ष्य तय किया गया था। अभी तक महज 18 हजार क्विंटल धान ही खरीदा जा सका है। नाराज किसान ने सुबह से ही बोड़ला सोसाइटी के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने धान नहीं बेच पाए किसानों को तत्काल टोकन जारी करने की मांग की। किसानों का कहना था, भले ही उनके धान की तुलाई एक महीने बाद करें, लेकिन टोकन जारी हो जाए। समिति प्रबंधक गांधी दास का कहना था, पिछले कई दिनों से वे 15 हजार बारदाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक बारदाना नहीं पहुंचा है।
नहीं पहुंचे अफसर तो एसडीएम दफ्तर पहुंच गए
करीब दो घंटे तक प्रबंधक और नोडल अधिकारी को ताले में बंद रखने के बाद किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। किसानों ने तहसीलदार मनीष वर्मा और नायब तहसीलदार अमन चतुर्वेदी से बात की। तहसीलदार ने बारदाने की व्यवस्था करने और 341 किसानों के लिए शुक्रवार से बुधवार तक टोकन जारी करने का भरोसा दिलाया तब जाकर मामला शांत हुआ।
बैजलपुर में भी किसानों का हंगामा

बैजलपुर में भी किसानों ने धान खरीदी में लेट लतीफी को लेकर हंगामा किया। शुक्रवार को बैजलपुर सोसायटी अंतर्गत आने वाले किसान धान खरीदी केन्द्र के बाहर हंगामा करते रहे। प्रबंधक से बारदाना की व्यवस्था होने का आश्वासन मिलने के बाद किसान शांत हुए।
जांजगीर-गरियाबंद में 295 बोरी धान की जब्त
प्रशासन ने शुक्रवार को जांजगीर चांपा व गरियाबंद में 295 बोरी धान जप्त किया। जांजगीर चंापा के धान खरीदी सतर्कता दल ने जैजैपुर में बिना नंबर वाले वाहन की जांच की। पाया कि इसमें 165 बोरी अवैध धान का परिवहन किया जा रहा है। वाहन चालक से धान के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जब्त धान मंडी निरीक्षक के सुपुर्द कर दी गई। वहीं गरियाबंद जिले मे भी 130 बोरी धान जप्त किया गया है। गरियाबंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा गुरुवार को विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण के दौरान धान उपार्जन केंद्र परसुली में 130 कट्टा धान समिति प्रबंधक के सुपुर्द कर दी गई। इस दौरान बारदाना स्टॉक पंजी में 28 जनवरी 2020 तक एंट्री होना पाया गया। बोरे में समिति का सील भी नहीं लगी थी। एक किसान के नाम 60 क्विंटल का टोकन कटा मिला। जबकि बेचने के लिए कोई दूसरा किसान 130 कट्टा धान लेकर उपार्जन केंद्र में पहुंचा था। संदेह के आधार पर मौके पर पंचनामा तैयार कर धान जप्त कर समिति प्रबंधक के सुपुर्द किया गया।
धान खरीदी की अवधि १५ मार्च तक बढ़ाने की मांग
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चन्द्राकर ने धान खरीदी को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत और कार्यप्रणाली पर एक बार फिर निशाना साधा है। चन्द्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरा धान खरीदी का एलान करके धान खरीदी से बचने के तमाम छल- प्रपंचों का जाल भी बुन रही है। उन्होंने मांग की है कि धान खरीदी की तिथि १५ मार्च तक बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, टोकन देने के सरकारी भरोसे के बावजूद प्रदेशभर के कई जिलों में किसानों को टोकन जारी नहीं किए जाने की शिकायतें मिल रही है। कवर्धा, महासमुंद, धमतरी आदि जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसानों की दिक्कतें अभी भी खत्म नहीं हो रही हैं। 20 फरवरी धान खरीदी की आखिरी तारीख है, और किसानों को टोकन नहीं दिए जाने से किसानों में काफी आक्रोश है।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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