धान खरीदी लिमिट से नाराज किसानों ने प्रबंधक को दिनभर बनाया बंधक, कार्यालय में ताला जडकऱ बैठ गए प्रदर्शन करने

उपार्जन केंद्रों से लगातार शिकायतें मिल रही है कि लिमिट में ही धान की खरीदी हो रही है। सोमवार को सोनबरसा उपार्जन केंद्र में भी यही हुआ। यहां पर मात्र 300 क्विंटल के लिए टोकन काटा गया। जबकि इस उपार्जन केंद्र में 16 गांव के किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्याप्त धान की बिक्री नहीं होने से यहां के किसान नाराज हो गए। किसानों ने प्रबंधक व कर्मचारियों को बंधक बनाते हुए कार्यालय में ताला जड़ दिया।

रायपुर/ कवर्धा. ग्राम जेवडऩ स्थित सोनबरसा उपार्जन केंद्र में टोकन कम काटे पर नाराज किसानों ने प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों को बंधक बना दिया और धरना प्रदर्शन करने बैठ गए।
उपार्जन केंद्रों से लगातार शिकायतें मिल रही है कि लिमिट में ही धान की खरीदी हो रही है। सोमवार को सोनबरसा उपार्जन केंद्र में भी यही हुआ। यहां पर मात्र 300 क्विंटल के लिए टोकन काटा गया। जबकि इस उपार्जन केंद्र में 16 गांव के किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्याप्त धान की बिक्री नहीं होने से यहां के किसान नाराज हो गए। अन्य किसानों और भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को बुलाया गया। इस पर अधिक धान खरीदी नहीं होने की बात सुनकर किसानों ने प्रबंधक व कर्मचारियों को बंधक बनाते हुए कार्यालय में ताला जड़ दिया। इसके बाद किसान सामने ही प्रदर्शन करने बैठ गए। शाम को पांच बजे कोतवाली पुलिस की टीम पहुंची। उन्होंने सामान्य रूप से अपनी ओर से समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने।

शाम को एक कांग्रेसी नेता पहुंचे, उन्होंने अधिकारी से किसानों की बात कराई। प्रबंधक और किसानों में समझौता हुआ कि वह रोजाना 1500 क्विंटल धान की खरीदी करेंगे। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन बंद किया और प्रबंधक व कर्मचारियों को मुक्त किया। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला मंत्री डोमन चंद्रवंशी, कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष जीवन यादव, लोहारा ब्लॉक अध्यक्ष संजय साहू, सोनी वर्मा, हरीश कश्यप, सुशील त्रिपाठी, राम प्रसाद वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
8 घंटे तक बंधक बने रहे
सुबह 10.30 बजे से प्रबंधक और ऑपरेटर को उपार्जन केंद्र कार्यालय में ही बंधक बना दिया गया था। शाम करीब 5 बजे प्रबंधक और किसानों के बीच समझौता हुआ तब प्रदर्शन बंद कर ताला खोला और प्रबंधक व ऑपरेटर को मुक्त किए।

लेकिन आश्चर्य की बात कि दिनभर में कोई अधिकारी यहां पर किसानों को समझाईश देने या फिर प्रबंधक और ऑपरेटर को मुक्त करने के लिए नहीं पहुंचे। मतलब अधिकारियों को प्रबंधक, ऑपरेटर की चिंता ही नहीं थी। या चिंता यह थी कि किसानों के सामने जाने पर प्रबंधकों को बनाए जाना वाला दबाव का पोल खुल जाएगा।
अब तक 13 लाख क्विंटल धान खरीदी
जिले के 86 उपार्जन केंद्रों में अब तक 36176 किसानों से 13560 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। वहीं उपार्जन केंद्रों से 3.29 लाख क्विंटल से अधिक धान का उठाव हो चुका है। लेकिन अब भी उपार्जन केंद्रों में 9.68 लाख क्विंटल से अधिक धान जाम है जिसके कारण किसानों को परेशानी हो रही है।

ramdayal sao Desk
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