त्योहारी भीड़ से बचने सोना-चांदी, गाड़ी और रियल स्टेट में एडवांस बुकिंग, मुहूर्त में सिर्फ डिलीवरी लेंगे ग्राहक

कोरोना काल (Corona Virus) में त्यौहारी (Festive Seasons) भीड़ से बचने के लिए कई सेक्टरों में एडवांस बुकिंग (Advance booking) बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहा है।

By: Bhawna Chaudhary

Published: 15 Oct 2020, 09:12 AM IST

रायपुर. कोरोना काल (Corona Virus) में त्यौहारी (Festive Seasons) भीड़ से बचने के लिए कई सेक्टरों में एडवांस बुकिंग (Advance booking) बेहतर विकल्प के रूप में सामने आ रहा है। इसमें ग्राहक एडवांस बुकिंग कराकर डिलिवरी की तारीख तय कर रहे हैं, वहीं बाजार में कई समझदार ग्राहकों ने खरीदारी भी शुरू कर दी है। ना सिर्फ ऑटोमोबाइल्स और रियल एस्टेट बल्कि सराफा बाजार में सोने-चांदी और बहुमूल्य धातुओं में भी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। सोने-चांदी की वर्तमान कीमतों में मनपसंद गहनों की बुकिंग धनतेरस और दिवाली के लिए कराई जा रही है। सराफा में ग्राहकों को कई विकल्प दिए जा रहे हैं।

कोविड-19 की वजह से राजधानी के कई व्यापारी संगठनों ने इस बात पर रजामंदी जताई है कि भीड़ से बचने के लिए ग्राहक एक ही दिन सभी सामान लेने के बजाय धीरे धीरे खरीदारी को आगे बढ़ा सकते है। हालांकि धनतेरस और दिवाली के दिन परंपरा और मुहूर्त की वजह से बाजार में भीड़ होने की पूरी गुंजाइश है, लेकिन कई ऐसे भी ग्राहक और परिवार है, जो कि पहले खरीदारी कर लेना चाहते हैं। कारोबारी संगठनों का भी मानना है कि त्यौहारी भीड़ में फंसने के बजाय इसलिए पहले शॉपिंग का विकल्प बेहतर रहेगा।

कारोबारी संगठनों की राय
श्री बंजारी रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष लालचंद गुलवानी ने कहा कि हमने अन्य जिलों के थोक और चूल्हा व्यापारियों को कहा है कि वे भीड़ से बचने दिवाली की खरीदारी पहले ही कर लें, वहीं ग्राहकों से भी अपील की गई है कि वे किश्तों में खरीदारी शुरू कर दें। रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने सराफा कारोबार पर कहा कि कई ग्राहक भीड़ से बचने के लिए बहुमूल्य गहनों की एडवांस बुकिंग करा रहे हैं। इसमें कुछ तय राशि देकर आप मौजूदा कीमत में वाहनों के लिए अनुबंध करा सकते हैं। कोरोना के की वजह से यह चलन बढ़ा है, वहीं गहनें पसंद करने के लिए भी पर्याप्त समय अभी लोगों के पास है।

रायपुर सबसे बड़ा बाजार, पड़ोसी राज्य भी निर्भर
प्रदेश में राजधानी सबसे बड़ा थोक बाजार हैं। थोक कारोबारियों के मुताबिक यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा का व्यापार 30 से 40 फीसदी तक निर्भर है। आंध्र प्रदेश, झारखंड और पं. बंगाल तक सामानों का निर्यात किया जाता है। इसके साथ ही दुर्ग,भिलाई, जगदलपुर, कोरबा, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, कवर्धा, बलौदाबाजार, सरगुजा. दंतेवाड़ा, बेमेतरा आदि जिलों के व्यापारियों की निर्भरता रायपुर का थोक बाजार है।

बाजार में शहर के ग्राहकों के अलावा अन्य जिलों के व्यापारियों की वजह से भी भीड़ कायम रहती है। त्यौहारी बाजार को लेकर व्यापारी संगठनों को बड़ी उम्मीदें हैं। साथ ही कोविड-19 की शादी टूटने का इंतजार भी।

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