इस एक्ट्रेस की 'हां' के लिए दो साल इंतजार किया डायरेक्टर ने और फिर...

छालीवुड में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली अदाकारा ने शेयर की जर्नी

ताबीर हुसैन @ रायपुर. मैं जब आठवीं की पढ़ाई कर रहा था तब शिखा मेरी फेवरेट हिरोइन थीं। मैंने उनकी फिल्म कई-कई बार देखी। जब मैंने मूवी बनाने की प्लानिंग की तब पहली फुर्सत में ही अभिनेत्री के तौर पर उनका चयन कर लिया था। लेकिन जब हमने शिखा से बात कि तो उन्होंने फौरन मना कर दिया। वे अपनी व्यस्तता का हवाला देकर किसी और को लेने की बात कह रही थीं। मैंने भी हार नहीं मानी। कह दिया कि फिल्म तो आपके रहते ही बनेगी। आखिर दो साल बाद उनकी हां हुई और हमने फिल्म की शूटिंग शुरू की। ये कहना है हालिया रिलीज फिल्म जोहार छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर, लीड एक्टर और स्क्रीप्ट राइटर देवेंद्र जांगड़े का। वे पत्रिका के दफ्तर पहुंच फिल्म से जुड़ी बातें साझा की। उनके साथ एक्ट्रेस शिखा चितांबरे और निर्माता राज साहू भी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि फिल्म का 90 प्रतिशत हिस्सा 14 दिन में ही शूट हो गया था। निर्माता राज साहू ने कहा कि ये फिल्म मेरी लाइफ की इंपोर्टेंट है। यहां काफी संभावनाएं हैं। हालांकि फिल्म बनाने के लिए 50 लाख रुपए भी कम पड़ जाते हैं लेकिन अगर अच्छी स्टोरी और स्क्रीप्ट हो तो लोग हाथोंहाथ लेते भी हैं।

शादी के बाद किया कम बैक
शिखा ऐसी अभिनेत्री हैं जिन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्रीज में लंबे समय तक राज किया है। टूरा रिक्शा वाला और लैला टिपटॉप-मजनू अंगूठा छाप में उनकी अदाकारी खूब सराही गई। शादी के बाद थोड़ा ब्रेक लेकर कम बैक कर चुकी शिखा वुमन इम्पॉवरमेंट को बढ़ावाा देने वाली फिल्में करना चाहती हैं।

जसगीत से हुई शुरुआत

बचपन से ही मुझे गाने का शौक रहा है। जसगीत से मेरी शुरुआत हुई। मैंने एल्बम किए। फिल्मों से पहले मैंने इतने एल्बम किए हैं कि आप मुझसे एक्जेक्ट नंबर पूछेंगे तो बता नहीं पाऊंगी। पहली फिल्म तोर आंचल के छैयां तले जसगीत स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान फिल्म इंडस्ट्रीज के लोग आए थे। वहां मुझे सुंदरम फिल्म से जसगीत एल्बम के लिए ऑफर मिला। मैंने कभी कैमरा फेस नहीं किया था। यह पहला अनुभव था। ऑफर आया। एल्बम करते-करते मुझे फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। सन 2009 में मुंबई से टीम आई थी जो तोर आंचल के छैयां तले बना रही थी। मैंने ऑडिशन दिया और सलेक्ट हो गई। संजय बतरा ने मुझे कारी में मौका दिया।

स्ट्रांग हो चुकी है टेक्नीक

छॉलीवुड में लंबा सफर तक कर चुकी शिखा कहती हैं कि टेक्नीक के मामले में छत्तीसगढ़ी सिनेमा ने ऊंची छलांग लगाई है। पहले यहां के लोग कई चीजों के लिए मुंबई या अन्य बड़े शहरों पर डिपेंड रहा करते थे लेकिन अब काफी स्ट्रांग हो चुके हैं। साउंड और विजुअल में काफी सुधार आ गया है।

ये है जीरो फिगर का राज

जीरो फिगर का राज बताते हुए शिखा कहती हैं कि मैं रोजाना योगा करती हूं। इसके अलावा मेरी डाइट नपीतुली होती है। मैंने वैजेटैरियन हूं और सबसे बड़ी बात हमेशा खुश रहती हूं।

ऐसे पहुंचीं मुंबई

गजब दिन भईगे के डायरेक्टर मुंबई से आए थे। उन्होंने मेरा काम देखकर सजेश किया कि आप मुंबई में भी बढिय़ा काम कर सकती हैं। मैं मुंबई गई। ऑडिशन दिया। पहले ही प्रयास में मुझे मौका मिल गया। गपशप कॉफी शॉप से मैंने शुरुआत की। इसके बाद साथ-साथ बनाएंगे आशियां, महिमा शनिदेव की, जय-जय बंजरंग बली, कोर्ड रेट, आहट, सीआईडी जैसे सीरियल्स में काम किया।

डेली सोप से वक्त चुराकर टूरा रिक्शा वाला

एक वक्त ऐसा कि मैं दो डेली सोप कर रही थी। इस बीच भोजपुरी में भी मेरे एल्बम आ रहे थे। तभी डायरेक्र सतीश जैन का फोन आया कि हम टूरा रिक्शा वाला बना रहे हैं और तुम उसमें लीड एक्ट्रेस रहोगी। मैं सतीशजी का ऑफर ठुकराना नहीं चाह रही थी, मैंने मुंबई वालों से कहा कि थोड़ा ब्रेक चाहिए और छत्तीसगढ़ लौटी। फिल्म काफी हिट साबित हुई।

अभिषेक-ऐश्वर्या ने एक्टिंग को सराहा

सन् 2010 में रवि किशन के साथ भोजपुरी मूवी जला देभ दुनिया तोहरे प्यार में, का सलेक्शन कांस फिल्म फेस्ट के लिए हुआ था, उसे अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय ने भी देखा। मैं उनसे मिली। उन्होंने मेरे अभिनय की तारीफ की।

Tabir Hussain Incharge
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