चातुर्मास की भक्ति में जुटे रहे पांच महीने, पूर्णाहुति 29 को

जिनवाणी सुनाते हुए साध्वी सम्यकदर्शना ने कहा, कल पर कोई काम न छोड़ें, वही शुभ है

By: VIKAS MISHRA

Published: 26 Nov 2020, 06:24 PM IST

रायपुर. शहर में पांच माह से अनेक स्थानों पर विराजीं साध्वी मंडल श्रद्धालुओं को जप, तप, आराधना और सत्संग करा रही हैं। इस दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा। अनेक तपस्तियों ने सिर्फ गर्म जल केआधार पर तपस्याएं पूरी की। अधिक मास के कारण इस बार पांच महीने का चातुर्मास हुआ, जिसका समापन कार्तिक शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 29 नवंबर को होगा। एमजी रोड दादाबाड़ी में बुधवार की सभा में साध्वी सम्यक दर्शना ने कहा कि कोई भी शुभ कार्य कल पर न छोड़े, उसे जितनी जल्दी हो सके करना चाहिए। क्योंकि समय किसी का इंतजार नहीं करता है, बल्कि अपनी गति से चलता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में विकास करने की आगे बढऩे की इच्छा व्यक्ति तभी पूर्ण कर पाता है। जब वह इस संकल्प से प्रतिबद्ध हो कि वह आज का काम आज ही करेगा। यह संकल्प निश्चित रूप से व्यक्ति को अप्रमत्व बनाता है और उसे अपनी जवाबदारी में रहने का उससे पुरूषार्थ कराता है। यदि व्यक्ति समय की कीमत नहीं करता, प्रमाद में रहता है तो उसका प्रमाद ही उसके लिए अवरोधक बन जाता है। किसी भी कार्य को करने के लिए उसके मन में विकल्प.विचार तो आ जाते हैं लेकिन वे कार्य वह पूर्ण नहीं कर पाता।

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