इस तरह के खाने से होती है फूड पॉइजनिंग, इन उपायों से दूर रहेगी ये बीमारी

अक्सर इस तरह के संक्रमित भोजन में बैक्टीरिया, परजीवी या वायरस होते हैं जो पेट में जाने के बाद बीमारियां पैदा करते हैं।

By: Deepak Sahu

Published: 24 May 2018, 01:08 PM IST

रायपुर . एनएचएमएमआइ नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और पत्रिका द्वारा तीन दिवसीय नि:शुल्क गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और जीआई सर्जरी परामर्श शिविर का आयोजन 24 से 26 मई तक किया जा रहा है। इस शिविर में हॉस्पिटल के पेट, आंतरोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक जैन और जनरल, लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. राजेश सिन्हा मरीजों को नि:शुल्क सलाह देंगे।

क्या होती है फूड पॉइजनिंग
डॉ. अभिषेक जैन ने बताया, भोजन जनित रोग यानी की फूड पॉइजनिंग का मतलब है संक्रमित भोजन या पेय पदार्थों से फैलने वाली बीमारियां। अक्सर इस तरह के संक्रमित भोजन में बैक्टीरिया, परजीवी या वायरस होते हैं जो पेट में जाने के बाद बीमारियां पैदा करते हैं। संक्रमण के प्रकार के आधार पर फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखने में कुछ घंटों से लेकर कुछ दिन भी लग सकते हैं।

Food Poisoning

ये हैं इसके लक्षण
इन लक्षणों में सबसे आम हैं पेट में जकडऩ, दर्द, उल्टी, डायरिया, हल्का बुखार, सिरदर्द आदि। अगर समय पर इलाज ना किया जाए तो ये लक्षण और भी गंभीर रूप ले सकते हैं। पेट में तेज दर्द, 102 तक बुखार, चक्कर, मांसपेशियों में कमजोरी, गुर्दे की बीमारी आदि। कुछ बहुत ही गंभीर मामलों में मरीज को आपातकालीन चिकित्सा की भी जरूरत पड़ती है। चूंकि गर्म और नम मौसम में ये संक्रमण तेजी से फैलते हैं, इसलिए आने वाले कुछ दिनों में इनसे बचाव के लिए सजग रहना जरूरी है।

इन बातों पर अमल करके आप इससे बच सकते हैं
अपने हाथ, खाने के बर्तन और किचन को साफ रखें।
खाने को अच्छी तरह पकाएं, अधिकांश बैक्टीरिया खाना पकाने के दौरान खत्म हो जाते हैं।
कच्चे एवं पके हुए खाद्य को अलग-अलग रखें।
बाहर का खुला रखा भोजन बिल्कुल ना खाएं।
अगर खाना फ्रिज में रखा गया है तो उसे गर्म करके ही खाएं।
अगर खाने के खराब होने का थोड़ा भी अंदेशा हो तो उसे ना खाएं।
फूड पॉइजनिंग के लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। दो दिन से ज्यादा ये लक्षण रहने पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

Deepak Sahu
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