फॉरेस्ट गार्ड ने बेची 3- 3 हजार में वन परिक्षेत्र की जमीन, शिकायत मिलने पर अफसरों ने किया निलंबित

- सूचना मिलने पर पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी ने लिया एक्शन .
- 4 सदस्यों की टीम जांच करने के बाद रिपोर्ट करेगी सबमिट .

By: Bhupesh Tripathi

Published: 29 Dec 2020, 07:12 PM IST

रायपुर। कवर्धा के समनापुर सर्किल अंतर्गत अंजना बीट में जंगल की जमीन फॉरेस्ट गार्ड ने ग्रामीणों को तीन-तीन हजार में बेची है। यह शिकायत वन विभाग के पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी तक पहुंची, तो पीसीसीएफ ने जमीन बेचने वाले फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। फॉरेस्ट गार्ड ने जमीन बेचने के नाम पर जो दस्तावेज ग्रामीणों को दिए है, उन सभी दस्तावेजों को जब्त किया जाएगा।

यह है पूरा मामला
रेंगाखार वन परिक्षेत्र के अंजना बीट में ग्रामीणों को फॉरेस्ट गार्ड शिवकुमार निषाद ने तीन-तीन हजार में जमीन बेची है। उक्त जमीन को बेचने के लिए फॉरेस्ट गार्ड ने बिना सील साइन के नक्शे का इस्तेमाल किया है। फॉरेस्ट गार्ड द्वारा दिए जा रहे दस्तावेज फर्जी है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब ग्राम पंचायत बम्हनी में वनाधिकार पत्र के अनुमोदन के लिए ग्राम सभा हुई। सभा में ग्रामीणों को पता चला कि जिन जमीन का नक्शा उनके पास है, उसमें उनका कब्जा नहीं है। ग्रामीणों को अपने साथ ठगी की जानकारी हुई तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों और फिर मीडिया में शिकायत की।

ट्रांसफर के बाद भी जमा था बीट में
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मानें तो फॉरेट गार्ड शिव कुमार निषाद का ट्रांसफर 1 माह पूर्व अंजना बीट से हो चुका है। अंजना बीट से ट्रांसफर होने के बावजूद वो लगातार वहां टिका हुआ था। इस मामले में तीन दिन पूर्व रेंजर अनिल भास्करन को भी वन समिति के अध्यक्ष के माध्यम से जानकारी मिली थी।

वन परिक्षेत्र की जमीन कोई बेच नहीं सकता। दोषी फॉरेस्ट गार्ड को तत्काल निलंबित किया जाएगा। उक्त मामले में ४ सदस्यों की टीम बनाई है, जो पूरे मामले की रिपोर्ट 1 हफ्ते के अंदर जमा करेंगे।
- राकेश चतुर्वेदी, पीसीसीएफ

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