Ganesh Visarjan 2021: अनंत चतुर्दशी पर विदा होंगे गणपति बप्पा, गणेश विसर्जन से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Ganesh Visarjan 2021: रविवार को अनंत चतुर्दशी है, परंतु कोरोनाकाल के कारण बिना बैंडबाजा पंडलों से गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए उत्सव समितियां खारुन नदी के विसर्जन कुंड के पास पहुंचेंगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

By: Ashish Gupta

Published: 18 Sep 2021, 10:54 AM IST

रायपुर. Ganesh Visarjan 2021: गणेशोत्सव का उत्साह अब आखिरी पड़ाव पर है। शहर के जिन जगहों में छोटे-छोटे आकर्षित पंडालों में भगवान गणेश (Lord Ganesh) अनेक रूप में दर्शन दे रहे, वहां टोलियों में खासा उत्साह रहा। वहीं घरों में हवन-पूजन, आरती कर लोग छोटे गणेश विसर्जन करने के लिए निकले। शनिवार से विसर्जन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगेगी। रविवार को अनंत चतुर्दशी है, परंतु कोरोनाकाल के कारण बिना बैंडबाजा पंडलों से गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए उत्सव समितियां खारुन नदी के विसर्जन कुंड के पास पहुंचेंगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पिछले 10 सितंबर से गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ था, तब से विघ्नहर्ता की सुबह-शाम पूजा-अर्चना में भक्त लगे हुए हैं। पंडालों में अनेक रूपों में विराजे भगवान गणेश को देखने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन कोरोनाकाल के कारण पहले जैसा उत्साह नहीं दिखा। उत्सव समितियां पूजा की रस्में करते हुए छोटी मूर्तियों को ही स्थापित किया है। अब 19 सितंबर को गणेशोत्सव का समापन होने जा रहा है।

तालाबों के पास वाहन रखवाने की तैयारी की
गणेश मूर्तियों का विसर्जन अधिक से खारुन नदी के किनारे कुंड हो। तालाबों में विसर्जन करने से बचाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां की है। प्रमुख तालाबों के किनारे वाहनों का खड़ा करेगा, ताकि लोग घरों से लाकर छोटी मूर्तियों को उस वाहन में रखें।

विसर्जन की ये है गाइडलाइन
जिला प्रशासन ने गणेश विसर्जन की गाइडलाइन तय की है। उत्सव समितियां भोग-भंडारे का आयोजन नहीं कर सकेंगी। सिर्फ चार लोगों के साथ बिना बैंडबाजा, डीजे के टाटा-एस जैसे छोटे-छोटे वाहनों में गणपति बप्पा की मूर्तियों का विसर्जन सुबह से दिन डूबने से पहले तक करने की छूट है। पूरी रात विसर्जन पहले जैसा नहीं होगा। न ही गणेश की झांकियां निकलेंगी।

ये है विसर्जन के निर्धारित गाइडलाइन
-स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी।
- एक से अधिक वाहन को अनुमति नहीं होगी।
- पिकअप टाटाएस (छोटा हाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।
- वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
- 04 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे।
- वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कही रोकने की अनुमति नहीं होगी।
- छोटी मूर्तियों का विसर्जन यथासंभव घरों पर ही किया जाए।
- मूर्तियों एवं पूजन सामग्री का विसर्जन नगर निगम द्वारा निर्धारित विसर्जन कुंड में ही किया जाए।
- शहर के व्यस्त मार्गो से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
- सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे।
- विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं होगी।

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