गरियाबंद : मैनपुर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस, चौपाल के प्रकरण थे लंबित

माना जा रहा है कि सरकार को लगातार इस बाबत शिकायतें मिल रही हैं कि लोगों द्वारा की जाने वाली शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है और वे परेशान हो रहे हैं। इससे सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है,इसलिए सरकार ने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है

Shiv Singh

27 Feb 2020, 07:35 PM IST

रायपुर. गरियाबंद के कलेक्टर श्याम धावड़े ने शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता अंतर्गत जनचौपाल से संबंधित प्रकरणों का ऑनलाइन निराकरण नहीं करने के कारण मैनपुर तहसीलदार रजनी भगत को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने नोटिस में कहा है कि जनचौपाल के नोडल अधिकारी द्वारा जनचौपाल से संबंधित लंबित प्रकरणों का ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया है कि सौंपे गये कार्यों में जनचौपाल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण नहीं किया गया है एवं उनके आईडी में 19 प्रकरण लंबित पाये गये हैं। उनके द्वारा जनचौपाल के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में कोई रूचि नहीं ली जा रही है, जो कि सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। तहसीलदार का यह यह कृत्य कर्तव्य परायणता व पूर्ण रूप से सनिष्ठ रहने के प्रयुक्ति के उदासीन, सुस्त रवैया तथा कर्तव्य के प्रति हल्केपन को प्रदर्शित करता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-03 (सामान्य) के (दो) सत्य निष्ठा और कर्तव्य परायणता के सर्वथा विपरीत है।
नोटिस में कहा है कि क्यों न आपके विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही किया जाये। उक्त संबंध में स्पष्टीकरण 03 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने एवं समय-सीमा में संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्यवाही करने को कहा गया है। ।

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Shiv Singh Desk
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