चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर, मिलने लगी डूबी हुई रकम

- 11000 करोड़ लेकर भागी कंपनियों (Chit Fund) पर राज्य सरकार ने कसा शिकंजा

- राजनांदगांव से शुरू हुई प्रक्रिया, अन्य जिलों में भी जल्द वापस होगी रकम

By: Ashish Gupta

Published: 13 Nov 2020, 11:15 AM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ से 11000 करोड़ रुपए लेकर फरार करीब 379 संचालकों पर राज्य सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उनकी संपत्तियों को कुर्क कर रकम वसूली की जा रही है। इस साथ ही निवेशकों को रकम वापसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बताया कि राजनांदगांव जिले और दूसरे प्रदेश के करीब 16 हजार 796 निवेशकों को 7 करोड़ 32 लाख 95 हजार रुपए उनके खाते में अंतरित किए।

यह राशि राजनांदगांव की चिटफंड कंपनियों की प्रापर्टी कुर्क कर एकत्रित की गई है। मालूम हो कि सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर चिटफंड कंपनियों के एजेंटों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। वहीं करीब 69 कंपनियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर उसे राजसात करने की प्रक्रिया चल रही है।

प्रदेशभर में 496 प्रकरण दर्ज
राज्य के विभिन्न थानों में 2012 से 2019 के बीच करीब 216 कंपनियों के खिलाफ 20 हजार प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इसमें कंपनी के संचालक, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के साथ करीब 379 संचालकों को आरोपी बनाया गया है।

23 नए तहसीलों के शुभारंभ के बाद 12 से 13 और नई तहसीलों का होगा गठन

निवेशकों को 30 फीसदी रकम मिलेगी
राजनांदगांव जिले में लोग 37 चिटफंड कंपनियों से ठगी का शिकार हुए हैं। अब निवेशकों को कुल निवेश की 30 फीसदी रकम खाते में अंतरित की गई है। साथ ही बकाया राशि अन्य कंपनियों की संपत्तियों को राजसात करने के बाद दिया जाएगा।

यह है प्रमुख कंपनियां
प्रदेश में एसयूएसके इंडिया लिमिटेड, शाइनिंग स्टार, इंफ्रावाटर फंड, दिव्यानी प्रॉपर्टी, बीएन गोल्ड रियल एंड एलाइट लिमिटेड कंपनी के साथ अन्य कंपनियां है, इसमें से ज्यादातर चिटफंड कंपनियां दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित दूसरे प्रदेशों की थी। इनके संचालकों ने लोगों से रकम निवेश कराने स्थानीय बेरोजगार युवकों को मोटी रकम कमीशन में देने का झांसा देकर एजेंट बनाया। साथ ही कई जगहों पर कथित तौर पर ज्यादा बिजनेस देने पर उन्हें मैनेजर तथा ब्रांच मैनेजर तक नियुक्त किया।

ऐसे हुई प्रॉपर्टी की कुर्की
राजनांदगांव जिले में 37 कंपनियों को चिन्हांकित करने के बाद उनकी चल-अचल संपतियों को कुर्की करने की कार्रवाई की गई। इसे चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के तहत कुर्क की गई। इसके लिए नियमानुसार भू-स्वामी का पता करने के लिए दावा-आपत्ति और मंगवाई गई। इसकी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रकरण स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। इसे राजसात करने के बाद राशि राज्य सरकार के खाते में रकम जमाई की गई। अब इसे लौटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

कोरोनाकाल में 35 हजार करोड़ रुपए के पूंजी निवेश के लिए हुए 50 एमओयू

छत्तीसगढ गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, चिटफंड कंपनियों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी गई है। कंपनियों की संपत्तियों को राजसात कर कुर्की की जा रही है। इससे मिलने वाली राशि को निवेशकों को वापस लौटाया जा रहा है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

एजेंटों के खिलाफ दर्ज मामले हो रहे वापस
राज्य सरकार के निर्देश पर चिटफंड कंपनी के एजेटों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिए जा रहे है। साथ ही उन्हें शासकीय गवाह बनाया जा रहा है। बता दें कि चिटफंड कंपनी संचालकों के रकम लेकर भागने के बाद निवेशकों द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने दविश देकर कंपनी के एजेंटों को गिरफ्तार किया था। लेकिन राज्य सरकार ने 2019 में एजेटों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने आदेश जारी किया।

Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned