रियल स्टेट बिजनेस को सरकार की बड़ी राहत, इस बार नहीं बढ़ेगी जमीन की सरकारी दर

- मूल्यांकन समिति का फैसला, रिपोर्ट शासन को भेजी गई
- इस बार नहीं बढ़ेगी जमीन की सरकारी दर

By: Ashish Gupta

Published: 12 Feb 2021, 02:31 PM IST

रायपुर. कोरोना का दंश झेल रहे रियल स्टेट बिजनेस को सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। बीते वर्ष की तरह इस साल भी जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर में इजाफा नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को मूल्यांकन समिति की बैठक में प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के बीच यह फैसला लिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के बाद भी पंजीयन विभाग में राजस्व प्राप्ति की स्थिति बेहद अच्छी है। इसकी वजह से बीते साल की तरह इस बार भी कलेक्टोरेट गाइडलाइन दर यथावत रहेगी। हालांकि अभी मूल्यांकन रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेजी जाएगी। अंतिम मुहर 31 मार्च को ही लगेगी।

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बीते वर्षों में रजिस्ट्री के खर्च में बेतहाशा वृद्धि से परेशान राजधानी के लोगों को इस बार प्रशासन गाइडलाइन रेट के मामले में राहत देने जा रहा है। राजधानी बनने के बाद से अब तक दो साल में पहली बार प्रशासन ने रायपुर के 65 से ज्यादा वार्डों में जमीन का गाइडलाइन रेट नहीं बढ़ाने का फैसला कर लिया है। इसका प्रस्ताव तैयार किया कर लिया गया है।

परिसीमन के आधार नए वार्ड की होगी एंट्री
कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अफसरों की टीम ने दो वर्ष वहले हुए परिसीमन के आधार पर वार्डों की सूची बनाने का काम कर लिया है। सभी वार्डों के प्रस्ताव आने के बाद गुरुवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक हुई है। बैठक में 65 से ज्यादा वार्डों में जमीन के कलेक्टर गाइडलाइन नहीं बढ़ाने की सिफारिश करना तय है।

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क्रेडाई ने मांगी थी राहत
छत्तीसगढ़ में बिल्डरों की सबसे बड़ी संस्था क्रेडाई ने पंजीयन विभाग के महानिरीक्षक और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गाइड लाइन नहीं बढ़ाने को लेकर कई तरह के सुझाव दिए थे। बिल्डरों ने बताया कि लगातार कोरोना की वजह से रियल इस्टेट का कारोबार मंदा होता गया था। सरकार यदि दर यथावत रखेगी तो व्यापार को बूम मिलेगा।

30 फीसदी छूट पर अभी विचार नहीं
मूल्यांकन समिति के सामने 30 फीसदी छूट पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का कहना है कि इसका मूल्यांकन मार्च के बाद तय हो पाएगा। संभावना यह बताई जा रही है कि तीस फीसदी छूट भी यथावत रह सकती है। हालांकि अभी शासन स्थर पर इसमें फैसला आना बाकी है।

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Ashish Gupta Desk
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