दलदल में गिरे बुजुर्ग की सांस रुकने ही वाली थी, तभी कुछ ऐसा हुआ सही सलामत बाहर निकल गया

ससुराल से घर की ओर लौट रहा बुजुर्ग अंजाने में नदी के किनारे पर जा पहुंचा।इसके बाद नदी किनारे स्थित एक दलदल में गिर गया और शरीर के धंस जाने से फंस गया

By: Deepak Sahu

Published: 22 Aug 2019, 05:38 PM IST

जशपुरनगर।जाको रखे सईया मार सके न कोई इस कहावत को सच कर दिखया जशपुर के एक बुजुर्ग ने। दरअसल ससुराल से घर की ओर लौट रहा बुजुर्ग अंजाने में नदी के किनारे पर जा पहुंचा।इसके बाद नदी किनारे स्थित एक दलदल में गिर गया और शरीर के धंस जाने से फंस गया। स्थानीय लोगों ने बुजुर्ग को निकालने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। अंततः पुलिस के जवानों ने रात के अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में मश-त के बाद दलदल में कमर तक धंसे बुजुर्ग को निकाल कर,जान बचाई। मामला जिले के लोदाम चौकी क्षेत्र की है।

बतादें कि ढोलडुबा निवासी होन्द्रो सिंह पिता मनभुवन 65 वर्ष बुधवार को झारखंड के मांझाटोली गांव स्थित अपने ससुराल घुमने गया था। यहां से लौटने में शाम हो गई थी। बुजुर्ग की आंख कमजोर होने की वजह से वह शाम धुंधलके में रास्ता भटक कर मुख्य सड़क से शंख नदी की ओर चला गया।

नदी के किनारे पहुंचते ही होन्द्रो सिंह नदी के किनारे स्थित एक दलदल में जा कर फंस गया। इस बुजुर्ग ने दलदल से निकलने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। इस बीच दलदल में फंसे हुए होन्द्रों सिंह पर पास में मछली मार रहे ग्रामीणों की नजर पड़ी। उन्होनें होन्द्रों को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। अंततः इसकी सूचना ग्रामीणों ने लोदाम पुलिस को दी।चौकी प्रभारी अवनीश पासवान दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस वक्त तक अंधेरा हो चुका था। बारिश के दिन में शंख नदी में अचानक उफान आने के खतरे के बावजूद पुलिस के जवानों ने बुजुर्ग की जान बचाने के लिए टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया।

इस बीच होन्द्रो सिंह का शरीर कमर से उपर तक कीचड़ में बुरी तरह से धंस चुका था। यहां से बुजुर्ग को सुरक्षित निकालना जवानों के लिए चुनौती थी। एक घंटे की मशक्कत के बाद लोदाम पुलिस के अधिकारी व जवानों ने दलदल में धंसे हुए बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

Deepak Sahu
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