अबूझमाड़ के 236 गांवों की बसाहट का सर्वे करने के लिए 600 साल पुरानी राजशाही जमाने की पद्यति अपना रहीं हैं सरकारी एजेंसियां

बस्तर से लेकर सीमावर्ती महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तक पांच हजार वर्ग किमी में फैले अबूझमाड़ के 236 गांव की बसाहट का सर्वे किया जा रहा है। सरकार सर्वे करवाने किसी वैज्ञानिक तरीके की बजाय 600 साल से पुरानी राजशाही जमाने की पद्यति को अपना रही है। इस पुरानी पद्धति में इस पूरे इलाके को नौ परगना में बांटा गया है।

raipur/जगदलपुर. बस्तर से लेकर सीमावर्ती महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तक पांच हजार वर्ग किमी में फैले अबूझमाड़ के 236 गांव की बसाहट का सर्वे किया जा रहा है। सरकार सर्वे करवाने किसी वैज्ञानिक तरीके की बजाय 600 साल से पुरानी राजशाही जमाने की पद्यति को अपना रही है। इस पुरानी पद्धति में इस पूरे इलाके को नौ परगना में बांटा गया है।
इनमें कोलर परगना- कोहकामेटा, गोटल परगना-नेडनार कंदाडी, नुरदेश परगना-मसपुर, जटवर परगना-घमंडी, वडदल परगना-कुतुल, परसल परगना-धुरबेडा, छोटेडोंगर परगना-ओरछा, तुला गोटल परगना-कच्चापाल, परलकोट परगना-गारपा शामिल है। इनमें से किसर परगना से सर्वेक्षण की शुरूआत की जाएगी। इस सर्वेक्षण में एक परगना में कितने गांव उनके धार्मिक-सांस्कृतिक स्थल सहित अन्य बातों को शामिल किया जाएगा।

कैटेगरी में बांटा

सर्वे के लिए परगनाओं को भी ए, बी व सी कैटेगरी में बांटा गया है। इसमें ए कैटेगरी में मुख्य सडक़ के आसपास के गांवो को शामिल किया गया है। बी कैटेगरी में मुख्य सडक़ थोड़ी दूरी पर स्थित व सी कैटेगरी में कोर एरिया के पहुंच विहिन गांवों को शामिल किया गया है।

इसलिए कर रहे सर्वे

यह सर्वे इस इलाके के वल्नरेबल ट्राइबल ग्रुप (पीवीटीजी) और प्री एग्रीकल्चर कम्यूनिटी को फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (एफआरए) 2006, के तहत हेबीटॉट राइट्स को उनके हेबीटाट राइट्स यानि उनके गृह निवास व आजीविका के लिए जल-जंगल- जमीन पर अधिकार दिलाने के लिए किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसे कम्प्यूटराइज्ड करने सटीकता के अभाव में मामला पेचीदा हो गया है।

2017 में शुरू हुआ सर्वे अब तक 10 गांव तक पहुंचा

शासन-प्रशासन ने पहल से 21 अप्रैल 2017 से लेकर अभी तक करीब 10 गांव सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया है। इनमें कुंदला, बासिंग, ओरछा, कुरूषनार, कंदाड़ी, कोडोली, जिवलापदर, नेडऩार, ताड़ोनार और आकाबेड़ा शामिल है। इसमें पांच गांव कोडोली, जिवलापदर, नेडऩार, ताड़ोनार व आकाबेड़ा का राजस्व विभाग ने सत्यापन कार्य पूर्ण कर ग्राम पंचायत के माध्यम से दावा-आपत्ति आमंत्रित कर ग्राम सभा के अनुमोदन के बाद पात्र 169 हितग्राहियों को चिन्हांकित कर 685 एकड़ भूमि का भू-स्वामी अधिकार पत्र प्रदान किया गया।

सर्वेक्षण में आसानी हो इसके लिए कैटेगरी बनाए

  • जनजाति को हेबीटाट राइट्स दिलाने व मुख्य धारा से जोडऩे अबूझमाड़ के 236 गांवों को जिला प्रशासन ने तीन कैटेगरी में विभाजित किया है। इससे गांवो तक पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य आसानी से किया जा सकें।
    - पीएस एल्मा, कलक्टर नारायणपुर
ramdayal sao
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned