धान खरीदी के लक्ष्य में पिछड़ी सरकार, अब तक 44 लाख 57 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी, उठाव नहीं होने से किसान परेशान

सरकार ने 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का रखा है लक्ष्य

रायपुर. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मामले में सरकार लक्ष्य से पिछड़ती नजर आ रही है। धान खरीदी के करीब डेढ़ महीने बीतने के बाद सरकार 44 लाख 57 हजार मीट्रिक टन धान की ही खरीदी कर सकी है। जबकि धान खरीदी के लिए 15 फरवरी तक का ही समय है। एेसे में भाजपा लगातार धान खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है।
जानकारों का कहना है कि शनिवार और रविवार को धान खरीदी नहीं होने के कारण इस बात सरकार के लिए तय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। इस बार 15 दिन देरी से धान खरीदी शुरू होने के बाद भी किसानों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। किसान नेताओं की माने तो सहकारी समितियों के लिए धान खरीदी की लिमिट तय होने से किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक राजकुमार गुप्ता का कहना है कि इस बार किसानों को धान बिक नहीं पा रहा है। धान का उठाव नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। सरकार ने पहले तीन टोकन की लिमिट तय की थी। मंत्रिपरिषद की उप समिति ने चौथी बार भी टोकन जारी करने की सहमति दे दी है, लेकिन सोसाइटी तक यह आदेश नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि इस बार किसानों के भुगतान को लेकर भी विलंब हो रहा है। किसानों को भुगतान करने में आठ से दस दिन का समय लग रहा है। जबकि पहले तीन से चार दिन में भुगतान हो रहा था।
सरकार ने धान खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य २५०० रुपए देने की घोषणा कर रखी थी। इस वजह से किसानों ने धान की पैदावार को प्राथमिकता दी है। यही वजह है कि बीते साल की संख्या में पंजीकृत किसानों की संख्या में करीब 2 लाख 59 हजार किसानों की वृद्धि हुई है।
धान का उठाव भी धीमी गति से
सहकारी समितियों से धान का उठाव भी बेहद धीमी गति से हो रहा है। सरकारी रेकॉर्ड के मुताबिक 15 जनवरी तक 19 लाख 89 हजार मीट्रिक टन ही धान का उठाव हुआ है। जबकि धान की खरीदी दोगुने से अधिक हो चुकी है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने बताया कि धान खरीदी को लेकर सरकार का मैनेजमेंट सही है। बहुत से किसान अभी भी अपना धान नहीं बेच सके हैं। मंत्रिपरिषद की बैठक में भी किसानों के मुद्दे पर चर्चा नहीं होना गंभीर विषय है। सरकार को धान खरीदी का समय बढ़ाना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को लेकर सबसे ज्यादा संवेदनशील है। किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह सरकार तय समय तक धान खरीदी का लक्ष्य हासिल कर लेगी।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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