छत्तीसगढ़ : 500 राशन कार्ड की दुकान करने की योजना बनाई जा रही सरकार

- राशन दुकानों का खर्च 25 हजार कमीशन सिर्फ 5 हजार रुपए .

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 03 Aug 2020, 12:15 AM IST

रायपुर। प्रदेश में 12 हजार 523 उचित मूल्य की दुकान से राशनकार्ड की कटौती करते हुए सिर्फ 500 राशन कार्ड की दुकान करने की योजना बनाई जा रही है। इसका विरोध अब राशन दुकान संचालक करने लगे हैं। दुकान संचालकों का कहना है कि यदि सिर्फ पांच सौ राशन कार्ड की दुकान कर दी जाएगी तो कमीशन पांच से छह हजार रुपए ही मिलेगा। जबकि दुकानों में हर माह 25 हजार रुपए खर्च होता है। जिसमें सेल्समेन 10000, हेल्पर 8000, बिजली बिल 500, स्टेशनरी 1000, टेब रिचार्ज 400, सूकत 1000 दुकान गोदाम किराया 5000 रुपए देना होता है। संस्था का खर्च 1000 रुपए, कमीशन 5000 से 6000 रुपए खर्च होता है।

जोगी शासन मे भी ऐसी ही नीति लागू की गई थी जिसमे 1000 कार्डो की दुकान करदी गई थी। जिसके कारण दुकानों का कमीशन कम बनने के कारण कालाबाजारी और राशन की चोरी बढ़ गई। जिससे जनता को खाद्यान नही मिल पारहा था। कार्यकर्ताओं को भी कोई लाभ इस योजना से होने वाला नही हे।इस योजना से दलालो,माफियाओ को ही फायदा मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों में 3753 राशन दुकान, शहरी इलाके में 1147 दुकान
प्रदेश में 4900 से ज्यादा राशन दुकानों में 1500 से ज्यादा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड है। इस तरह करीब 4900 राशन दुकानें खोलने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में 3753 राशन दुकान, शहरी इलाके में 1147 दुकान है। जिससे लोगों को राशन दुकान संचालकों को खाद्यान्न मिलता है।

जारी होगा विज्ञापन
उचित मूल्य की दुकानों के युक्त युक्तिकरण के लिए राज्य शासन के निर्णय अनुसार खाद्य राजस्व सहकारिता और स्थानीय निकायों के अधिकारियों की टीम बनाई है। जो रिपोर्ट बनाकर जिला कलेक्टरों को सौंपेंगे। इसके बाद राशन दुकानों के आवंटन के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा।

सिक्युरिटी मनी 5000 रुपए है। जिसे बढ़ाकर 2 लाख रुपए करना चाहिए। जिससे दुकानदार द्वारा कालाबाजारी करने पर पूरे खाद्यान की राशि जब्त की जा सके। इससे कालाबाजारी कम होगी।
नरेश बाफना, अध्यक्ष पीडीएस संघ

Bhupesh Tripathi
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