7 दिन बाद भी धान खरीदी केन्द्रों तक नहीं पहुंचा सरकार का आदेश, चौथा टोकन जारी करने में दिक्कत

धान खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है। स्थिति यह है कि मंत्रिपरिषद की उप समिति की बैठक में लिए गए फैसलों का असर करीब एक सप्ताह बीतने के बाद भी दिखाई नहीं दे रहा है। किसानों के मुताबिक अधिकांश खरीदी केंद्रों में सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं मिला है। इस वजह से चौथा टोकन जारी होने में दिक्कत आ रही है।

रायपुर. पत्रिका की पड़ताल में यह बात सामने आई कि महासमुंद के खरीदी केंद्रों में शासन का कोई आदेश नहीं मिला है। यही स्थिति दुर्ग, रायपुर सहित अन्य जिलों में नजर आ रही है। प्रगतिशील किसान मोर्चा के संयोजक रामकुमार गुप्ता का कहना है कि धान खरीदी केंद्रों में शुक्रवार तक कोई आदेश नहीं पहुंचा था। सरकार और अफसरों के बीच तालमेल की कमी से यह स्थिति निर्मित हो रही है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर का कहना है, सरकार किसानों को धोखा दे रही है। यही वजह है कि करीब सप्ताह बीतने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिली है। इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर भाजपा के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि मंत्रिपरिषद उप समिति के फैसलों से किसानों को राहत मिलेगी। सरकार सभी किसानों का धान खरीदेगी। महासमुंद के जिला विपणन अधिकारी संतोष पाठक कहते हैं कि शासन की ओर से कोई नया आदेश नहीं आया है। रकबे के अनुसार धान की खरीदी की जा रही है। धान का उठाव भी लगातार किया जा रहा है।

साफ्टवेयर के कारण आ रही दिक्कत
जानकारों का कहना है कि धान खरीदी के लिए तैयार किए गए साफ्टवेयर के कारण दिक्कत आ रही है। साफ्टवेयर को अपडेट करने के बाद ही किसानों को चौथी बार धान बिक्री के लिए टोकन जारी हो सकेगा। यह काम मंत्रालय स्तर पर ही होना है। शुक्रवार तक की स्थिति में साफ्टवेयर में कोई अपडेट नहीं हुआ था। शनिवार और रविवार को धान की खरीदी नहीं हुई। अब सोमवार को धान खरीदी की शुरुआत होने के बाद स्थ्ििात स्पष्ट होगी कि चौथा टोकन जारी हो रहा है या नहीं।

कवर्धा में ऑपरेटर नहीं करेगी धान खरीदी
कवर्धा में सोमवार को धान की खरीदी नहीं होगी। यहां उपार्जन केंद्रों में कार्यरत ऑपरेटर सामूहिक अवकाश लेकर गायत्री महायज्ञ में शामिल होंगे। ऑपरेटर यह यज्ञ शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए कर रहे हैं। धान उपार्जन केंद्र कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ ने सामूहिक अवकाश की सूचना प्रशासन को भेज दी है। उनका कहना है कि धान खरीदी के दौरान की जा रही अनावश्यक अवैधानिक कार्रवाई से ऑपरेटरों में दहशत का माहौल है। इसके अलावा पिछले 12 वर्षों से अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे ऑपरेटर नाराज है।

यह था उप समिति का फैसला
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में गठित मंत्रिपरिषद की उप समिति ने करीब एक सप्ताह पहले बैठक कर फैसला लिया था कि, प्रदेश के पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल के हिसाब से पूरा धान खरीदने के लिए जरूरत पडऩे पर चौथा टोकन जारी किया जाएगा। प्रदेश के उपार्जन केन्द्रों में समितियों की क्षमता के अनुरूप Óयादा से Óयादा धान खरीदी की जाएगी। समिति ने जरूरत के मुताबिक और संग्रहण केन्द्र खोलने एवं कस्टम मिलिंग की गति को बढ़ाने का फैसला लिया था।

Dhal Singh Desk
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