एमपी पुलिस के फर्जी मुठभेड़ मामले में राज्यपाल करेंगी हस्तक्षेप, वन मंत्री से की बात

उन्होंने बताया, कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बालसमुंद निवासी झामसिंह ध्रुर्वे व उसका चचेरा भाई नेमसिंह धु्रर्वे सितम्बर को मछली पकडऩे गए थे। वापस लौटते समय मध्यप्रदेश पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोका। डर कर दोनों भागने लगे तो छत्तीसगढ़ की सीमा में घुसकर झामसिंह ध्रुर्वे को गोली मार दी।

By: Karunakant Chaubey

Published: 15 Sep 2020, 10:18 PM IST

रायपुर. फर्जी मुठभेड़ में कबीरधाम जिले के एक आदिवासी की मौत मामले में अब राज्यपाल अनुसूईया उइके भी हस्तक्षेप करेंगी। कवर्धा विधायक और वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने मंगलवार को फोन पर राज्यपाल से बात कर घटना की जानकारी दी। वन मंत्री ने एक औपचारिक आग्रह पत्र भी राज्यपाल को भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। राज्यपाल ने इस मामले में मध्य प्रदेश की राज्यपाल से चर्चा कर कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

अपने गहनगर छिंदवाड़ा के प्रवास पर गईं छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसूईया उइके से वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने फोन पर बात की। उन्होंने बताया, कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम बालसमुंद निवासी झामसिंह ध्रुर्वे व उसका चचेरा भाई नेमसिंह धु्रर्वे सितम्बर को मछली पकडऩे गए थे। वापस लौटते समय मध्यप्रदेश पुलिस के सिपाहियों ने उन्हें रोका। डर कर दोनों भागने लगे तो छत्तीसगढ़ की सीमा में घुसकर झामसिंह ध्रुर्वे को गोली मार दी। नेमसिंह ध्रुर्वे पर भी गोली चली लेकिन वह बचकर भाग आया।

वन मंत्री ने बताया, झामसिंह ध्रुर्वे की मृत्यु छत्तीसगढ़ राज्य सीमा के अंदर हुई थी। उनके मृत शरीर को मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा घटना स्थल से हटाकर मध्यप्रदेश ले जाया गया। घटना स्थल पर लगे खून के दाग को मिटाने का भी प्रयास किया गया। 7 सितम्बर को बालाघाट जिले के गढ़ी नामक स्थान में पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक के परिजनों को मृत शरीर सौपा गया।

राज्यपाल से बातचीत में वन मंत्री ने कबीरधाम कलेक्टर के तथ्यात्मक रिपोर्ट की जानकारी दी। उसके मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार इस घटना को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ बताने का प्रयास कर रही है। कलेक्टर की रिपोर्ट में कहा गया, इन दोनों व्यक्तियों का किसी भी प्रकार की माओवादी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं था। वन मंत्री मोहम्मद अकबर पिछले दो दिनों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गहमंत्री नरोत्तम मिश्र को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

Show More
Karunakant Chaubey Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned