बगैर जांच के डेढ़ साल की बच्ची को बताया पॉजिटिव, 5 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकारी गलती

- दुर्ग जिला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही : कोरोना सूची लेकर पटवारी और कोटवार पहुंच गए घर।
- पांच घंटे तक लचर सिस्टम से जूझते रहे डेढ़ साल की बच्ची के पिता ।

 

By: Bhupesh Tripathi

Published: 18 Sep 2020, 10:22 PM IST

रायपुर। कोरोना काल में जिम्मेदारों की कई बड़ी गलतियां सामने आई हैं। आज भी एक मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पुरदा गांव से सामने आया है। डेढ़ साल की मासूम बच्ची को दुर्ग स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच किए कोरोना पॉजिटिव बता दिया। स्वास्थ्य विभाग ने बकायदा कोविड पॉजिटिव की सूची में बच्ची का नाम अंकित कर दिया। यही सूची लेकर पटवारी और गांव का कोटवार अल सुबह बच्ची के घर पहुंचे तो पिता का दिल डर से बैठ गया। उन्होंने कहा कि मेरी बच्ची को मामूली खांसी थी। उसकी कोविड जांच नहीं हुई, तो वो कैसे पॉजिटिव हो गई। पटवारी ने पिता के बातों को सिरे से खारिज करते हुए सूची दिखाई जो जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई थी। जिसके बाद लगभग पांच घंटे तक पिता लचर व्यवस्था से जूझता रहा। इस बीच उसने डॉक्टर से लेकर अस्पताल और न जाने कितने लोगों को फोन लगाया। अंत में एक दिन पहले बच्ची के मामूली खांसी की मेडिकल पर्ची दिखाई। तब जाकर सिस्टम के जवाबदार अधिकारियों ने माना कि मानवीय त्रुटि हुई है।

भिलाई के निजी अस्पताल में ले गए थे डॉक्टर के पास
बच्ची के पिता ने बताया कि बेटी को मामूली खांसी थी इसलिए वे उसे 14 सितंबर को भिलाई के निजी अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने कहा कि हल्की खांसी है, डरने की बात नहीं दवाई दे रही हूं, इसे पिला देना। अगले दिन 15 सितंबर को पटवारी और कोटवार घर पहुंचकर बच्ची को कोविड पॉजिटिव बताते हुए घर के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी लेने लगे।

तहसीलदार ने माना, मानवीय त्रुटि
बच्ची के पिता ने अंतत: धमधा ब्लाक के तहसीलदार को फोन लगाया उन्हें सारी घटना से अवगत कराया। तब तहसीलदार ने कहा कि हो सकती है कि कोई त्रुटि हुई होगी। तब जाकर पिता ने राहत की सांस ली। इस बीच गांव भर में मासूम के कोविड पॉजिटिव होने की बात आग की तरह फैल गई। बच्ची के परिवार सहित पूरा गांव कोरोना के डर से दशहत में दिखा।

सूची जिला स्वास्थ्य विभाग सीएमएचओ कार्यालय से आई थी। हमारा काम सिर्फ सूची को ट्रेस करना होता है। ताकि मरीज समय पर अस्पताल पहुंच सके। कोई मानवीय त्रुटि हुई होगी जिसके चलते बच्ची का नाम अंकित हो गया होगा।
राम कुमार सोनकर तहसीलदार धमधा

Bhupesh Tripathi
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