प्रदेश के ये कोरोना संक्रमित बने पहेली, इनके संक्रमण का सोर्स पता करने में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीज मिलते ही आसपास के 100 मीटर के एरिया का सर्वे कराया जाता है। उनकी हिस्ट्री तलाशी जाती है। कुछ की हिस्ट्री मिल जाती है तो कुछ की नहीं। एक मरीज के सोर्स का मिलना मुश्किल है, लेकिन दो अन्य की तलाश में टीम जुटी हुई है।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 10 May 2020, 10:53 PM IST

रायपुर. प्रदेश में अब तक 59 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से 49 को डिस्चार्ज किया जा चुका है। 10 लोगों का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में चल रहा है, लेकिन आज भी तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज पहेली बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग और एम्स प्रबंधन की लाख कोशिशों के बाद भी तीनों मरीजों के संक्रमित होने के सोर्स का पता नहीं चल पाया है। दो मरीज रायपुर के तथा एक कबीरधाम जिले के 5 साल का मासूम बच्चा है। एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को मिले करीब डेढ़ माह के अधिक हो चुका है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मरीज मिलते ही आसपास के 100 मीटर के एरिया का सर्वे कराया जाता है। उनकी हिस्ट्री तलाशी जाती है। कुछ की हिस्ट्री मिल जाती है तो कुछ की नहीं। एक मरीज के सोर्स का मिलना मुश्किल है, लेकिन दो अन्य की तलाश में टीम जुटी हुई है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के दौरान उनकी हिस्ट्री के बारे में एम्स के डॉक्टर भी पूछताछ करते हैं, लेकिन वे भी सफल नहीं हो पाए हैं।

पहला केस- रामनगर में मिला बुजुर्ग

राजधानी के बड़े रामनगर में 25 मार्च को 60 वर्षीय विकलांग कोरोना पॉजिटिव मिला था। स्वास्थ्य विभाग को इसकी अन्य राज्य और विदेश यात्रा की कोई हिस्ट्री नहीं मिली। विशेषज्ञ आशंका जताने लगे थे कि प्रदेश में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंच गया है अर्थात समाज में फैले कोरोना संक्रमण के जरिए बुजुर्ग संक्रमित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुजुर्ग और उसके रिश्तेदारों, आसपास के लोगों से काफी पूछताछ की, लेकिन सोर्स का पता नहीं चला।

दूसरा केस- 5 साल का मासूम

3 मई को कबीधाम से 6 तथा दुर्ग से 8 कोरोना पॅाजिटिव मरीज मिले थे। कबीरधाम के पीडि़तों में एक 5 साल का मासूम भी शामिल था। माता-पिता की रिपोर्ट नेगेटिव और 5 साल के बच्चे का पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के सोर्स का पता लगाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सोर्स नहीं मिला है। माता-पिता से पूछने पर उन्होंने बताया कि जानकारी नहीं है कि बच्चा आखिर कैसे संक्रमित हुआ है, जबकि वह पूरी तरह से स्वस्थ है।

तीसरा केस- 24 वर्षीय इलेक्ट्रीशियन

राजधानी के कुकुरबेड़ा में 4 मई को 24 वर्षीय युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक को एम्स में भर्ती कर तुरंत संक्रमण के सोर्स का पता करने में जुट गई, लेकिन इसकी अन्य राज्य और विदेश यात्रा की कोई हिस्ट्री नहीं मिली। युवक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह लॉकडाउन में घर से कहीं बाहर नहीं निकला है ना ही कि किसी के घर इलेक्ट्रिक का काम करने गया था।

कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलते ही पहले उनकी यात्रा की हिस्ट्री और संक्रमण के सोर्स का पता लगाया जाता है। रामनगर के मरीज के सोर्स का पता लगाने का काफी प्रयास किया गया ,लेकिन सफलता नहीं मिली।

- डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, उप संचालक व प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग

कुकुरबेड़ा के युवक के संक्रमण के सोर्स का पता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी हुई है। युवक के मोबाइल से उन लोकेशन की पतासाजी की गई है, जहां-जहां युवक गया था और जिन-जिन लोगों से मिला था।

- डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

 

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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