यहां के मुख्यमंत्री ने हिटलर और मुसोलिनी को बताया आरएसएस का आदर्श, वेशभूषा और बैंड भी गैर भारतीय, भड़की भाजपा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-आरएसएस और भाजपा पर बड़ा हमला किया है। राजीव भवन में पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर उन्होंने कहा, आरएसएस के लोग जिस हिटलर और मुसोलिनी को अपना आदर्श मानते हैं। जिनसे प्रेरणा लेकर ये काली टोपी और खाकी पैंट पहनते हैं और ड्रम बजाते हैं। यह भारत की वेशभूषा नहीं है। मुख्यमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया पर भी यह बयान पोस्ट किया।

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पं. नेहरू ने जो लकीर बनाई है, उसे छू तक नहीं पा रहे लोग बल्कि उनका कद छोटा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जो नेहरू का कद कम करना चाहते हैं, वे दरअसल इस देश के लोकतंत्र के कद को कम करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, पाकिस्तान के शहर को बिहार में बताकर इतिहास ज्ञान दिखा चुके लोग नेहरू का कद छोटा करने चले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, नेहरू ने भविष्य के भारत का सपना देखा था, उसका आधार तैयार किया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में वे विरले थे, जिन्हें 10 साल से अधिक जेलों में बिताने पड़े। वैचारिक मतभेद के बावजूद वे जेल में भगत सिंह से मिलने गए। उनकी वकालत की। भगत सिंह ने भी अपने लेख में युवाओं को उनके नहीं रहने के बाद नेहरू को नेता मानने की सलाह दी थी। आयोजन में नेहरू मिथक और सत्य के लेखक पीयूष बबेले, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, प्रभारी महासचिव गिरीश देवांगन, राजेंद्र तिवारी आदि शामिल रहे।

राम मंदिर का श्रेय न्यायालय को
मुख्यमंत्री ने कहा, राम मंदिर के लिए यात्रा शुरू करने वाले लालकृष्ण आडवाणी मस्जिद गिराने के आरोप से मुकर गए। कांग्रेस शुरू से कहती रही कि इस मामले में न्यायालय का फैसला स्वीकार होगा। फैसला आ गया। इसका श्रेय सर्वो'च न्यायालय को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा तो राम मंदिर के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकती रही है।

बृजमोहन बोले, जब-जब दबाने की कोशिश हुई संघ की स्वीकार्यता बढ़ी
मुख्यमंत्री के बयान पर पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने तीखा जवाब दिया है। उन्होंने लिखा, जवाहर लाल नेहरू जी के विचारों से आप सहमत नही दिखते। नेहरू जी के आमंत्रण पर संघ खाकी पैंट और काली टोपी के साथ गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुआ था। उन्होंने लिखा, कांग्रेस ने संघ को जब भी दबाने का प्रयास किया, संघ की जनस्वीकार्यता बढ़ी है।

कांग्रेसियों ने नेहरू पर पूछे ढेरों सवाल
नेहरु मिथक और सत्य के लेखक पीयूष बबेले ने अपनी किताब से नेहरू के बारे में महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी के विचार साझा किए। बाद में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनसे ढेरों सवाल किए। इसमें कश्मीर समस्या, भारत-चीन युद्घ, महात्मा गांधी की वसीयत में कांग्रेस को खत्म करने की मंशा जैसे विषय थे।

Dhal Singh
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