scripthighcourt's desiccion is faver on misabandi | मीसाबंदियों में पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला, लोकतंत्र की विजय | Patrika News

मीसाबंदियों में पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला, लोकतंत्र की विजय

जो लोकतंत्र सेनानियों के लिए पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा जो सम्मान निधि घेषित की गई थी। उस सम्मान निधि को बंद करने का निर्णय कांग्रेस ने सरकार में आते ही बंद करने का निर्णय लिया था।

रायपुर

Published: January 27, 2022 11:36:38 am

मीसाबंदियों में पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला, लोकतंत्र की विजय : उपासाने
रायपुर.
मीसाबंदियों के पक्ष में हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा फैसला सुनाने के बाद लोकतंत्र सेनानी के उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। साथ ही उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार से कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए मीसाबंदियों का सम्मान करते हुए शीघ्र सम्मान निधि शुरू करने की मांग की है। उपासने ने कहा कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कांग्रेस सरकार के उन सारे निर्णय को अपात्र घोषित कर दिया है। जो लोकतंत्र सेनानियों के लिए पूर्ववर्ती सरकार के द्वारा जो सम्मान निधि घेषित की गई थी। उस सम्मान निधि को बंद करने का निर्णय कांग्रेस ने सरकार में आते ही बंद करने का निर्णय लिया था। इस तानाशाही निर्णय के खिलाफ लोकतंत्र सेनानियों ने न्यायिक लड़ाई लड़ी। इस लड़ाई में भी सत्यापन के नाम पर इस सरकार ने सम्मान निधि बंद की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरकार में आते ही वंशवाद को खुश करने के लिए निर्णय लिया था। जिसे हाईकोर्ट ने कोर्ट ने अपात्र माना था। लेकिन इस सरकार ने उसे मानने से इंकार कर दिया था, जैसे इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद कोर्ट के फैसले को मानने से इंकर कर दिया था और जेल की सींखचों में विपक्षी दलों के सभी नेताओ ंको 21 माह तक यातानाएं दी थी। उन्होंने कहा कि एक बार आज पुन : हाईकोर्ट के पैसले से लोकतंत्र की जीत हुई है। लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान मिला है। यह फैसला तानाशाही पर विजय है। यदि सरकार ने यह फैसला नहीं मानती तो माना जाएगा कि कांग्रेस सरकार न्याय विरोधी, तानाशाही सरकार, लोकतंत्र की हत्या करने वाली है।
मीसाबंदियों के पक्ष में हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा फैसला सुनाने के बाद लोकतंत्र सेनानी के उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है
मीसाबंदियों के पक्ष में हाईकोर्ट की डबल बेंच द्वारा फैसला सुनाने के बाद लोकतंत्र सेनानी के उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है
डॉ. रमन ने कहा - कांग्रेस सरकार के लिए बड़ा सबक

पूर्व मुख्यमंत्री ने मीसाबंदियों के पक्ष में हाईकोर्ट फैसले पर कहा कि यह कांग्रेस सरकार के लिए बड़ा सबक है। यह फैसला प्रजातंत्र की जीत है। इस फैसले से दूध का दूध औश्र पानी का पानी हो गया । उन्होने कहा कि 2008 में भाजपा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। मीसाबंदी जिस प्रकार से प्रताडि़त रहे। 19 महीने जेल में रहे। उनका व्यवसाय, उनकी रोजी-रोटी छीन गई और उनके जीवनभर की संपत्ति उनके परिवार के खर्च में चले गए। उनको राहत देने के लिए मानदेय की राशि पेंशन के रूप में दिया जाए। इसके जरिए मीसाबंदियों के जीवन में एक बेहतरी लाने का प्रयास हुआ था। लेकिन कांग्रेस ने सरकार में आते ही तुगलकी फैसला लिया और मीसाबंदियों को मिलने वाली पेंशन को बंद कर दिया।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.