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Hindi Diwas 2022: पत्रिका के हिंदी दिवस सर्वे का बने हिस्सा, जानें इस दिन का इतिहास और हिंदी का महत्व

Hindi Diwas 2022: देश के हर राज्य में बसे जनमानस को हिंदी के महत्व के बारे में समझाने और इसके प्रसार प्रचार के लिए भारत हिंदी दिवस मनाता है.

रायपुर

Published: September 12, 2022 09:51:45 am

Hindi Diwas 2022:रायपुर. हिंदी महज भारत की नहीं दुनिया की प्रमुख भाषाओं से एक है. हिंदी भारत की पहचान भी है और सम्मान भी. हिंदी भारत और दुनिया के अन्य देशों में बसे भारतीयों को एक दूसरे से जोड़ने का काम करती है. वैसे तो हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के तौर पर मनाया जाता है लेकिन भारत में हिंदी दिवस के लिए एक खास दिन तय है. भारत में 22 भाषाएं और उनकी 72507 लिपि हैं. एक ही देश में इतनी सारी भाषाओं और विविधताओं के बीच हिंदी एक ऐसी भाषा है, जो हिंदुस्तान को जोड़ती है.

HINDI DIWAS

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देश के साथ-साथ विश्व स्तर पर भी हिंदी का महत्त्व स्थापित हो सके, इसलिए हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है हिंदी दिवस. हिंदी न केवल हमें करीब लाती है, बल्कि अपनी संस्कृति से भी जोड़ती है. आप कितना जानते हैं और कितना लगाव रखते हैं हिंदी से, पत्रिका जानना चाहता है. तो आज ही पत्रिका के हिंदी दिवस के इस सर्वे में जरूर भाग लें.

सर्वे में भाग लेने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...


https://bit.ly/3xefmHQ

कब मनाया जाता है हिंदी दिवस
विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है, जो वैश्विक स्तर का दिवस है.भारत समेत अन्य देशों में हिंदी के प्रसार प्रचार के लिए विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है जबकि भारत 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाता है. इस बार भारत का हिंदी दिवस 14 सितंबर 2022 को मनाया जा रहा है.

कब हुई हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत
भारत में हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत देश की आजादी के बाद हुई.1946 को 14 सितंबर के दिन संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था. फिर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 14 सितंबर के दिन को हिंदी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया. हालांकि आधिकारिक तौर पर पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था.

क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस
भारत में अंग्रेजी के बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को रोकने के उद्देश्य से हिंदी दिवस को मनाने की शुरुआत हुई. महात्मा गांधी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था. हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है लेकिन इसे भारत की राजभाषा जरूर माना गया है.हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी का उपयोग होता है.

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