9 दिनों बाद टूटा पिंजरा, लॉ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को मिली आजादी, यौन उत्पीड़न पर होगा 2 दिनों में फैसला

9 दिनों बाद टूटा पिंजरा, लॉ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को मिली आजादी, यौन उत्पीड़न पर होगा 2 दिनों में फैसला

Deepak Sahu | Publish: Sep, 06 2018 01:50:32 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

प्रबंधन की तरफ से छात्रों की मांगें मान ली गई हैं, अब वे तीन बजे रात तक परिसर में घूम सकेंगे

रायपुर. हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में पिछले 9 दिनों चले आंदोलन के बाद आखिरकार पिंजरा टूट गया है। अब छात्र-छात्राएं देर रात तक परिसर में घूम सकेंगे और सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। बुधवार को विधि मंत्री महेश गागड़ा के निर्देशों पर प्रभारी कुलपति आर.एस शर्मा ने छात्र-छात्राओं को मांगें पूरी करने का लिखित में आश्वासन दे दिया।

अब छात्र-छात्राएं परिसर में रात तीन बजे तक घूम सकेंगे। साथ ही इस अवधि के दौरान लाइबे्ररी, जिम सहित सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे। वहीं, भ्रष्टाचार सहित यौन उत्पीडऩ की शिकायत पर कुलपति की ओर से कमेटी बनाकर जांच के बाद दोषियों की तत्काल बर्खास्तगी का आश्वासन दिया। साथ ही वार्डन को हटाने की मांग पर भी प्रबंधन ने सहमति जताई है और जल्द ही नए वार्डन की नियुक्ति का आश्वासन दिया है। सभी प्रमुख मांगें पूरी होते ही छात्र-छात्राएं खुशी से झूम उठे और नाच-गाकर आजादी का जश्न मनाया। वहीं, भ्रष्टाचार में लिप्त शिक्षकों की खीज अब खुलकर सामने आने लगी हैं।

छात्राओं ने कुछ प्रोफेसरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर अश्लील मैसेज सहित भद्दी टिप्पणियां करने के आरोप लगाए थे। साथ ही भ्रष्टाचार की भी शिकायतें कुलपति के प्रभार ग्रहण करने के बाद और विधि मंत्री से ४ सितंबर को की थी। जिसे देखते हुए विधि मंत्री ने कुलपति को पूरे मामले की कमेटी के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर त्वरित बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कमेटी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जो कि ७ सितंबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

2 कमेटी, 5-5 सदस्य
छात्र-छात्राओं के आरोपों पर कुलपति की ओर से दो कमेटियों का गठन किया जा रहा है। जिसमें दोनों ही कमेटियों में 5-5 सदस्य होंगे, जिन्हें कि छात्र-छात्राओं की मंजूरी के बाद ही कमेटी में शामिल किया जाएगा। अमूमन एेसा देखने को मिलता है कि आरोपियों को ही कमेटी का सदस्य बना दिया जाता है। इसे देखते हुए छात्रों ने अपनी सहमति से ही गठन की मांग की थी। प्रबंधन ने छात्रों की इस मांग को भी स्वीकार कर लिया है।

हर आयोजन में गोलमाल
छात्रों ने आंदोलन के दौरान विवि में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों सहित अन्य कई मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की थी। बुधवार को विवि की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। छात्रों ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि रिपोर्ट सामने आने के बाद कक्षाओं में भी प्रोफेसरों की खीज देखने को मिली और वे खुद को बचाने के लिए अन्य जिम्मेदारों पर आरोप लगा रहे हैं। एक प्रोफेसर ने कक्षा के दौरान विवि के एक अधिकारी पर ११ लाख रुपये के गोलमाल के आरोप लगाए हैं। हालांकि छात्रों की ओर से उस अधिकारी के खिलाफ एेसी कोई शिकायत नहीं की गई है।

भूपेश ने कुलाधिपति को लिखी चिट्ठी
हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में चल रहे विद्यार्थियों के आंदोलन में बाहर से कांग्रेस भी उतर गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। भूपेश ने लिखा कि मैने छात्रों के मांग पत्र को पढ़ा है। अगर वे भ्रष्टाचार की बात कर रहे है तो इसकी जांच होनी ही चाहिए। अगर वे अपने कैंपस में थोड़ी स्वतंत्रता की बात कर रहे है तो इसमें क्या गलत है? उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि छात्राएं अपने गुरूजनों के खिलाफ यौन प्रताडऩा की शिकायत करने पर मजबूर हुई हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने विद्यार्थियों की मांगों पर विचार करने के लिए तत्काल एक कमेटी का गठन करने की मांग की है। ताकि विश्वविद्यालय में स्वतंत्र और पारदर्शी प्रबंधन की व्यवस्था लागू हो सके।

राष्ट्रीय हिदायतुल्ला विधि विश्वविद्यालय के कुलसचिव अयान हाजरा ने कहा कि प्रबंधन की तरफ से छात्रों की मांगें मान ली गई हैं, अब वे तीन बजे रात तक परिसर में घूम सकेंगे। यौन उत्पीडऩ और जातिगत टिप्पणियों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। जांच के लिए सभी पक्षों से बात की जाएगी, जिसमें वक्त लगेगा।

Ad Block is Banned