अस्पताल अधीक्षक ने सिम्स के लिए मांगे 577 कर्मचारी, डीएमई को लिखा पत्र

- संभाग का सबसे बड़े अस्पताल में नर्स, वार्ड बॉय,ड्राइवर,पंप आपरेटर की मांग की है

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 09 Jan 2021, 01:32 AM IST

बिलासपुर। सिम्स में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन स्टॉफ की कमी के कारण यहां समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण लगातार मरीज अस्पातल छोड़ निजी अस्पताल में उपचार के लिए जा रहे हंै। लगातार लामा के बढ़ते मामले को देख सिम्स के अधीक्षक ने डीएमई को चिट्ठी लिखकर स्टाफ की मांग की है। सिम्स अधीक्षक डॉ.पुनीत भारद्बाज ने बताया कि कर्मचारियों की कमी सबसे बड़ी समस्या है। 350 बिस्तर के लिए स्वीकृत 642 पदों में 162 पद खाली हैं। सबसे ज्यादा कमी स्टाफ नर्स की है। 256 की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 228 है, वहीं नîसग स्टाफ तो है ही नहीं। सभी 40 पद खाली हैं। 135 की जगह 120 वार्ड बॉय हैं। स्वीपर भी 44 की जगह 30 ही हैं। इतने पद तो खाली हैं ही इधर 750 बिस्तर के लिए हमने 577 कर्मचारियों की मांग पिछले कई सालों से कर रहे हैं। सबसे ज्यादा 190 स्टाफ नर्स की मांग की है। 120 वार्ड बॉय, 95 स्वीपर, 20 कंप्यूटर ऑपरेटर, लैब टैक्निशियल 16, 25 चौकीदार सहित 577 कर्मचारी की जरूरत है। अधीक्षक ने बताया नवीन पद की भी मांग की है। डॉक्टरों की कमी है लेकिन उनकी भर्ती डीन लेवल से होगी।

लामा के बढ़ रहे मामले सिम्स संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। ऐसे में बिलासपुर सहित चांपा जांजगीर, कोरबा, रायगढ़ सहित अन्य जगहों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। एपी के सीमा जुड़े होने के कारण जबलपुर मेडिकल कॉलेज न जा कर सिम्स मेडिकल कॉलेज में उपचार करने मरीज आते हैं। ऐसे में यहां पर्याप्त स्टॉफ नहीं होने के कारण नर्स वार्ड बॉय भी परेशान रहते हैं। ऐसे में मरीजों के परिजनों से आए दिन विवाद भी होते रहता है जिसके कारण सिम्स से अधिकतर मरीज अपनी मर्जी से (लामा) दूसरे अस्पताल चले जाते हैं। लामा के बढ़ते मामले से सिम्स प्रबंधन भी चिंतित है। ऐसे में लगातार पत्र लिख अस्पताल के लिए स्टॉफ की मांग की जा रही है।

सिम्स अस्पताल अब 750 बिस्तर हो चुके हैं। लेकिन स्वीकृत पद के हिसाब से स्टॉफ कम होने से कई तरह की परेशानी आ रही है। डीएमई को पत्र लिख कर स्टॉफ की मांग की गई है।
डॉ.पुनीत भारद्वाज, अधीक्षक, सिम्स।

Bhupesh Tripathi
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